देश के दुश्मन की अब खैर नहीं, थिएटर कमांड में जंग के लिए बुने जाएंगे चक्रव्यूह
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थिएटर कमांड्स का निर्माण भौगोलिक आधार पर किया जाता है। मसलन पहाड़ी क्षेत्र, राजस्थान के रेगिस्तान, मैदान इलाके। तीनों सेनाओं के साथ अन्य सैन्य बलों को एक जैसे भौगोलिक और रणनीतिक क्षेत्र में साथ लाकर एक ही ऑपरेशनल कमांडर के नेतृत्व में थिएटर कमांड बनाया जाता है।
कैसे करेंगे काम थिएटर कमांड्स
एक ही भौगोलिक क्षेत्र में तैयार थिएटर कमांड्स का लक्ष्य एक युद्ध क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में रखना है। जल, थल और हवा में आपसी सामंजस्य बनाकर युद्ध में सफलता हासिल करने का काम यही थिएटर कमांड्स सुनिश्चित करते हैं।
थिएटर कमांड्स की जरूरत क्यों
देश के करीब 15 लाख सैन्य बल को एकजुट करने के लिए थिएटर कमांड जरूरी है। इससे आधुनिकीकरण का खर्च कम होगा क्योंकि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल सभी कमांड के अंतर्गत आने वाले सभी सैन्य बल कर सकेंगे।
देश में अभी एक थिएटर कमांड?
देश में कितने थिएटर कमांड बनेंगे
- देश में अभी सिर्फ एक थिएटर कमांड है। वर्ष 2001 में इसे अंडमान निकोबार में बनाया गया था।
- तीनों सेनाओं के पास अलग-अलग 17 सिंगल कमांड है, जिन्हें छह थिएटर कमांड में लाने का सुझाव दिया गया है।
इन क्षेत्रों में तैयार हो सकते हैं थिएटर कमांड
- पश्चिमी थिएटर कमांड : पाक सीमा से सटे पंजाब, राजस्थान और गुजरात के कच्छ का क्षेत्र
- उत्तरी थिएटर कमांडः जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पहाड़ी इलाका
- पूर्वी थिएटर कमांडः पूर्वोत्तर से सटी चीन सीमा का इलाका, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा वाला क्षेत्र
- दक्षिणी थिएटर कमांडः देश के तीनों तटों की सुरक्षा के लिए एकीकृत कमांड
- एयरोस्पेस थिएटर कमांडः आसमान की रक्षा के लिए
- लॉजिस्टिक्स थिएटर कमांडः सभी थिएटर कमांड्स के बीच साजो-सामान पहुंचाने का काम करेगा। साथ में विदेशी थिएटर कमांड्स से तालमेल बैठाएगा।