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पुलिस पर हमले का यह वायरल वीडियो नहीं है औरंगाबाद की घटना से संबंधित, जनिए पूरा सच

Fri, 17 Apr 2020 08:11 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Fri, 17 Apr 2020 08:11 PM IST
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सार
जानिए वायरल वीडियो का सच
पुलिस पर हमले के वीडियो की हकीकत
फर्जी खबरों से रहिए सावधान
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Video showing attack on policemen has no connection with aurangabad incident
वायरल वीडियो का सच - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कोरोना महामारी के साथ उससे जुड़ी फर्जी खबरों से भी लड़ना है। फेक न्यूज के प्रति सतर्क रहना है और सोच समझकर, जांच पड़ताल के बाद ही शेयर और फॉरवर्ड करना है। आजकल एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर यकीन करके लोग एक-दूसरे के पास ये वीडियो भेज रहे हैं। इस वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि यह औरंगाबाद में हुए हमले का वीडियो है। बिहार के औरंगाबाद में स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। अमर उजाला ने इस पोस्ट की पड़ताल की तो पाया कि यह पुलिस पर हमले का पुराना वीडियो है और इसका लॉकडाउन से कोई लेना देना नहीं है। गलत डिस्क्रिप्शन के साथ इसे वायरल किया जा रहा है।  



दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
दावे का आधार- एक वायरल वीडियो
क्या किया जा रहा है दावा- बिहार के औरंगाबाद में स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। जांच के लिए पुलिस मेडिकल टीम के साथ गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने हमला कर दिया।

पड़ताल में इस वीडियो का सच सामने निकलकर आया

वायरल वीडियो का सच
वायरल वीडियो का सच - फोटो : Amar Ujala
  • पड़ताल के चरण-
  • सबसे पहले पूरा वीडियो ध्यानपूर्वक फ्रेम दर फ्रेम देखा कि क्या दिख रहा है-
  • वीडियो में दिखाई दे रहा है-
  • कुछ लोग मिलकर पुलिस वालों को पीट रहे हैं।
  • पुलिसवालों को बहुत चोट लगी हुई है।
  • पीछे दिख रहे माहौल के अनुसार ग्रामीण इलाका दिखाई दे रहा है।
  • पुलिसवाला बहुत बचने का प्रयास कर रहा है।

  • (चेतावनी : वीडियो की प्रकृति हिंसक है, इसे देखने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करें)
 
  • गूगल पर रिवर्स सर्च करके इस तस्वीर के माध्यम से इस घटना को तलाशना शुरू किया।
  • सबसे पहले वायरल वीडियो को InVID टूल में अपलोड करके कई ग्रैब निकाले। इसके बाद इनको रिवर्स इमेज में सर्च करना शुरू किया।
  • रिवर्स इमेज सर्च करने पर पता चला कि ये वीडियो पुराना है, सितम्बर, 2019 में हुई एक घटना का है।  
  • बिहार के एक स्थानीय समाचार चैनल जिसका नाम है  ‘प्रभात वार्ता’ ने इस घटना पर एक रिपोर्ट बनाई थी।
  • इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन के मुताबिक, “मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाने में शनिवार को 2 युवकों का शव मिला था. दो युवकों की मौत से लोग गुस्से में थे और सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच पुलिस वहां लोगों को समझाने पहुंची। लोग पुलिस वालों पर ही टूट पड़े, उनको दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस वालों को कई राउंड फायरिंग भी करनी पड़ी।'

फर्जी खबरों से रहिए सावधान

वायरल वीडियो का सच
वायरल वीडियो का सच - फोटो : Amar Ujala

ट्विटर हैंडल तलाशने पर हमें  ‘द बिहार न्यूज ‘ नाम के हैंडल से भी ये वीडियो मिला, जिसको 7 सितम्बर, 2019 को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ घटना का विवरण लिखा गया था, जिसके मुताबिक  “2 युवकों की हत्या, नाराज लोगों ने पुलिसकर्मियों को बांस ले दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, बचाव में पुलिस ने की फायरिंग, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के मधुबन के बेशी गांव की घटना।”

सच जानना जरुरी है, तभी फेक न्यज का होगा पर्दाफाश

वायरल वीडियो का सच
वायरल वीडियो का सच - फोटो : Amar Ujala

सर्च करने पर हमें आजतक का एक आर्टिकल मिला जिसमें असली खबर का विवरण था, आर्टिकल के मुताबिक
खबर की हेडलाइन है- औरंगाबाद: स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस पर हमला करने के आरोप में 44 लोग गिरफ्तार

15 अप्रैल की खबर है, जिसमें बिहार के औरंगाबाद में स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। औरंगाबाद जिले के गोह थाना अंतर्गत एकौनी गांव में स्क्रीनिंग करने के लिए गई टीम पर किये गए हमले और पथराव में 11 लोग घायल हो गए पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 44 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसको लेकर यह दावा किया जा रहा है कि ये इस घटना का हिस्सा है।

अमर उजाला ने पड़ताल में पाया कि पुलिस पर हमले का पुराना वीडियो है

वायरल वीडियो का सच
वायरल वीडियो का सच - फोटो : Amar Ujala

पड़ताल का परिणाम-


अमर उजाला ने पड़ताल में पाया कि पुलिस पर हमले का पुराना वीडियो है और लॉकडाउन में हुई औरंगाबाद की घटना का बताकर शेयर किया जा रहा है, जिसको फर्जी दावे के साथ वायरल किया गया है। कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।

कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।

*Fact Check By Google Certified Fact Checker.

Apply Tools-
-Google Reverse Image Search
-InVID Tool For Video
-AMNESTY Youtube Data Viewer
-Watch Frame By Frame Tool
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