पिछले कई महीनों के सपा के सियासी घमासान के बाद आखिकार यूपी में समाजवादी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। सपा के प्रत्याशी भाजपा की लहर में अपनी सीटें नहीं बचा सके। इस चुनाव में मुलायम परिवार की साख भी दांव पर लगी थी, क्योंकि परिवार के तीन चेहरे भी चुनाव मैदान में थे।
मोदी लहर में डूब गई मुलायम कुनबे के इन नेताओं की नैया
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यूपी चुनाव 2017: ये रहा सपा कुनबे का रिपोर्ट कार्ड
शिवपाल सिंह
यूपी विधानसभा में सपा कुनबे की रार के बाद शिवपाल सिंह के पास कुछ बचा था तो खुद के व्यक्तिगत राजनीतिक करियर की साख को बचाना। मतगणना के वक्त शिवपाल के काफिले पर हमला भी हुआ था।
तेज होती धड़कनों के बीच अखिलेश के चाचा शिवपाल ने अपनी जसवंतनगर सीट तो बचा ली, लेकिन मतगणना के वक्त में शिवपाल के लिए वक्त मुश्किल भरा था। शुरूआती दौर में शिवपाल कुछ वक्त के लिए अपने प्रतिद्वंदी से पीछे भी हुए।
जसवंतनगर सीट से शिवपाल से पहले मुलायम सिंह चुनाव लड़ते आए थे। ऐसे में ये सीट परिवार की प्रतिष्ठा का सवाल थी। शिवपाल सिंह इस सीट से पांचवी बार चुनाव लड़ रहे थे। शिवपाल ने भाजपा के मनीष यादव को 50 हजार वोटों से करारी शिकस्त दी।
यूपी चुनाव 2017: ये रहा सपा कुनबे का रिपोर्ट कार्ड
अपर्णा यादव (लखनऊ कैंट)
हाईप्रोफाइल चेहरों में समाजवादी पार्टी का सबसे ज्यादा चर्चित चेहरा हैं अपर्णा यादव। 26 साल की अपर्णा मुलायम सिंह यादव की बहू हैं और पार्टी की प्रतिष्ठित सीट लखनऊ कैंट से चुनाव मैदान में थी।
भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी से मुलायम परिवार की इस बहू को हार का मुंह देखना पड़ा। अपर्णा और रीता बहुगुणा जोशी की जीत का अंतर 33796 वोट रहा। अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के युवा चेहरे के तौर पर चुनावी प्रचार में लगी रही थीं।
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अनुराग यादव
मुलायम सिंह के भतीजे अनुराग यादव सपा परिवार के 22वें सदस्य हैं जिनकी अपर्णा के बाद राजनीति में एंट्री हुई है। अनुराग को पार्टी ने लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। इस सीट पर अनुराग का मुकाबला बीजेपी की प्रदेश महिला मोर्चे की अध्यक्ष स्वाति सिंह से था। स्वाति सिंह के हाथों अनुराग को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। स्वाति सिंह दयाशंकर सिंह की पत्नी है जिन्हें भाजपा ने मायावती के खिलाफ अपशब्द बोलने पर पार्टी ने निकाल दिया था। हालांकि दयाशंकर सिंह की भाजपा में फिर से वापसी हो गई है।