सादगी पसंद प्रियंका गांधी वाड्रा की राजनीति में एंट्री की घोषणा बड़ी ही सादगी से हुई। उनके शुभचिंतक और समर्थक उनमें इंदिरा गांधी की छवि देख रहे हैं। यही वजह है कि नेहरू भवन में उसी कमरे में प्रियंका का दफ्तर बनाने का काम शुरू हो चुका है। वह उसी कमरे में बैठेंगी जहां इंदिरा गांधी बैठा करती थीं। प्रियंका, नेहरू-गांधी परिवार की 12वीं सदस्य हैं जिन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है।
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पॉलिटिकल फैमिली ट्री: सियासत में आने वाली गांधी- नेहरू परिवार की 12वीं सदस्य हैं प्रियंका
Thu, 24 Jan 2019 02:53 PM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shani Mishra
Updated Thu, 24 Jan 2019 02:53 PM IST
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Priyanka Gandhi Vadra
प्रियंका गांधी
- फोटो : PTI
प्रियंका गांधी वाड्रा
भले ही 47 साल की उम्र में प्रियंका को पार्टी का महसचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। मगर इससे पहले भी वह पर्दे के पीछे से पार्टी के लिए काम करती रही हैं। अक्टूबर 1999 में रायबरेली में अरुण गांधी के खिलाफ किया गया उनका प्रचार हो या 2004 के लोकसभा चुनाव में अपनी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी के लिए रायबरेली और अमेठी में चुनाव प्रचार की कमान संभालना उन्होंने हर मोर्चे पर खुद को साबित किया है। कहा जाता है कि हाल ही में तीन राज्यों में मुख्यमंत्री के चयन में भी प्रियंका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
varun gandhi
वरुण गांधी
वरुण गांधी संजय और मेनका गांधी के बेटे हैं। वह 2004 में भाजपा में शामिल हुए। वर्तमान में सुल्तानपुर से भाजपा के सांसद हैं। 2009 में वह पहली बार पीलीभीत से जीतकर संसद पहुंचे थे। 2013 में पार्टी ने उन्हें 33 साल की उम्र में महासचिव बनाया था।
वरुण गांधी संजय और मेनका गांधी के बेटे हैं। वह 2004 में भाजपा में शामिल हुए। वर्तमान में सुल्तानपुर से भाजपा के सांसद हैं। 2009 में वह पहली बार पीलीभीत से जीतकर संसद पहुंचे थे। 2013 में पार्टी ने उन्हें 33 साल की उम्र में महासचिव बनाया था।
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rahul gandhi
राहुल गांधी
राहुल राजीव और सोनिया गांधी के बेटे हैं। वह पहली बार 2004 में अमेठी से जीतकर सांसद बने थे। वह 37 की उम्र में 2007 कांग्रेस के महासचिव और 2013 में उपाध्यक्ष बनाए गए। 2017 में राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पार्टी की कमान सौंपी गई थी। हाल ही में कांग्रेस ने इनके नेतृत्व में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में जीत हासिल करके सत्ता में वापसी की।
राहुल राजीव और सोनिया गांधी के बेटे हैं। वह पहली बार 2004 में अमेठी से जीतकर सांसद बने थे। वह 37 की उम्र में 2007 कांग्रेस के महासचिव और 2013 में उपाध्यक्ष बनाए गए। 2017 में राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पार्टी की कमान सौंपी गई थी। हाल ही में कांग्रेस ने इनके नेतृत्व में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में जीत हासिल करके सत्ता में वापसी की।
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सोनिया गांधी
- फोटो : SOCIAL MEDIA
सोनिया गांधी
1997 में नरसिम्हा राव की हार के बाद सोनिया गांधी की पार्टी में आधिकारिक एंट्री हुई। उस वक्त लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के 140 सदस्य थें। 1998 में कलकत्ता में उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया और 1999 में उन्होंने चुनाव जीता। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने शाइनिंग इंडिया कैंपेन को फीका करते हुए 2004 और 2009 में लगातार दो बार सरकार बनाई। वह 2017 तक यानी 19 साल तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं।
1997 में नरसिम्हा राव की हार के बाद सोनिया गांधी की पार्टी में आधिकारिक एंट्री हुई। उस वक्त लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के 140 सदस्य थें। 1998 में कलकत्ता में उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया और 1999 में उन्होंने चुनाव जीता। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने शाइनिंग इंडिया कैंपेन को फीका करते हुए 2004 और 2009 में लगातार दो बार सरकार बनाई। वह 2017 तक यानी 19 साल तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं।