अब चीन और पाकिस्तान को भारत के खिलाफ कोई साजिश रचने से पहले दो बार सोचना होगा। इन दोनों देशों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए वायुसेना ने नया पहरेदार हिंद महासागर पर तैनात किया है। यह पहरेदार जल-थल और नभ हर जगह से दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है। इसका नाम हैं ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई लड़ाकू विमान (SU-30 MKI)।
इन सुखोई लड़ाकू विमानों के पहले स्क्वॉड्रन को तमिलनाडु के तंजावुर में आधिकारिक रूप से तैनात कर दिया है। सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई विमान वायुसेना में तैनात करने से पहले सोमवार को विमानों की करतबबाजी के रंगारंग कार्यक्रम हुए। विधिवत तरीके से तीनों सेना प्रमुखों व सीडीएस की मौजूदगी में इन्हें तैनात किया गया।
2 of 6
सारंग टीम ने दिखाए करतब
- फोटो : PTI
सुखोई लड़ाकू विमानों को वायुसेना में शामिल करने के दौरान कार्यक्रम हुए। इस दौरान वायुसेना की सारंग टीम ने कई करतब दिखलाए।
3 of 6
उड़ान भरता सुखोई।
- फोटो : PTI
सुखोई विमानों के इस स्क्वॉड्रन को टाइगर शार्क्स नाम दिया गया है। यह सुखोई का 12वां स्क्वॉड्रन है।
4 of 6
वायुसेना के सूर्य किरण टीम ने भी इस दौरान आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाए।
- फोटो : PTI
ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई 30 विमान किसी एयरक्राफ्ट कैरियर को भी पलक झपकते ही तबाह कर सकती है। गति के मामले में भी यह दुश्मनों पर भारी पड़ सकती है।
5 of 6
वायुसेना के तेजस विमान ने भी अपना दमखम दिखाया।
- फोटो : PTI
ब्रह्मोस दुनिया की पहली ऐसी मिसाइल है, जिसे धरती आकाश और जमीन से दागा जा सकता है। खास बात यह है कि अमेरिका और चीन के पास भी ये मिसाइल है।