रमजान का मुकद्दस (पवित्र) महीना आज से शुरू हो गया। आज पहला रोजा है। रमजान के पाक महीने में खुदा के बंदे उसकी इबादत करते हैं। मस्जिदों और घरों से कुरान शरीफ की तिलावत की आवाज आनी शुरू हो जाती है।
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रमजान 2019
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जिस तरह नमाज पढ़ना हर मुसलमान के लिए फर्ज है उसी तरह रोजे रखना भी खुदा ने फर्ज करार दिया है। खुद अल्लाह ने कुरान शरीफ में इस महीने का जिक्र किया है। इस पाक महीने को रहमतों का महीना कहा जाता है।
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प्यास की शिद्दत, भूख की तड़प, गर्मी की तपिश होने के बाद भी एक रोजेदार खुदा का शुक्रिया अदा करता है। रोजेदार के सामने दुनिया की सारी अच्छी चीजें रखी हों पर वो खुदा की बिना इजाजत के उसे हाथ तक नहीं लगाता। यही सब चीजें एक रोजेदार को खुदा के नजदीक लाती हैं।
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रूह को पाक करके अल्लाह के करीब जाने का मौका देने वाला रमजान का मुकद्दस महीना हर इंसान को अपनी जिंदगी को सही राह पर लाने का पैगाम देता है। भूख-प्यास की तड़प के बीच जबान से रूह तक पहुंचने वाली खुदा की इबादत हर मोमिन को उसका खास बना देती है।
आम दिनों में इंसान का पूरा ध्यान खाने-पीने और दूसरी जिस्मानी जरूरतों पर रहता है लेकिन असल चीज उसकी रूह है। इसी की तरबीयत और पाकीजगी के लिए अल्लाह ने रमजान बनाया है और यही रमजान माह की खासियत भी है।