बुधवार रात बदमाशों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा सर्वेश यादव (42) का शव गुरुवार को उनके पैतृक गांव आहार मई, निधौलीकलां पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी, मां, भाई, बहन और बच्चों को संभालना मुश्किल हो गया। इन्हें बिलखता देख वहां मौजूद ग्रामीणों और अफसरों की आंखें भी नम हो गईं।
शहीद दरोगा को अंतिम विदाई देने को उमड़ी लोगों की भीड़
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- फोटो : अमर उजाला
डीएम अजय कुमार यादव, एसएसपी अजय शंकर राय समेत कई अफसरों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, हजारों की संख्या ग्रामीण शहीद दरोगा को श्रद्धांजलि देने आहार मई पहुंचे। शहीद एसआई सर्वेश यादव की शहादत की खबर सुनकर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आलम यह था कि गांव में किसी भी घर में गुरुवार को चूल्हा नहीं जला।
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आहार मई गांव निवासी सर्वेश यादव 1995 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। पिता गया सिंह यादव ने बताया कि सर्वेश कई साल तक गाजियाबाद में तैनात रहे और अपने परिवार को वहीं शिफ्ट कर लिया था। दो माह पूर्व ही पदोन्नति पाकर एसआई बने सर्वेश औरैया से ट्रांसफर होकर बदायूं आए थे। इनका एक भाई वीरपाल पीएसी में और दूसरे राजेश शिक्षक थे।
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दोनों की पहले ही बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। तीन बेटे खोने वाले गया सिंह के परिवार में अब दो बेटे अवधेश और उमेश बचे हैं। पिता ने बताया कि 12-13 जून को सर्वेश उनसे मिलने आया था। संतोष की मौत की खबर से उनकी पत्नी सुनीता, बेटे निशांक (12), कृष्ण (09), बेटी दीक्षा (05) दोनों भाई, पिता गया सिंह यादव और मां माखनश्री को संभालना मुश्किल हो रहा था। पत्नी बार बार गश खाकर बेहोश हो रही थी तो मां सुध बुध खो बैठी थी।
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सर्वेश यादव के पार्थिव शरीर को डीएम अजय यादव, एसएसपी अजय शंकर राय, सीडीओ राजेंद्र कुमार, एडिशनल एसपी ने पुष्प चक्र अर्पित किए, पुलिस गारद ने सलामी देकर अंतिम विदाई दी। शव को मुखाग्नि भाई अवधेश ने दी।