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13 दिसंबर 2001- पांच आतंकी और संसद भवन पर हमले के वो 40 मिनट

Sun, 13 Dec 2020 08:40 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 13 Dec 2020 08:40 AM IST
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Parliament attacks: remembers martyrs who laid their lives while defending Parliament Attack on 13 December 2001
संसद हमला (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

13 दिसंबर, 2001 भारतीय इतिहास की वो काली तारीख है, जिस दिन लोकतंत्र के मंदिर को आतंकियों ने निशाना बनाया। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने संसद भवन पर हमला किया। इस हमले में नौ लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दिल्ली पुलिस के छह जवान, दो संसद सुरक्षा सेवा के जवान और एक माली शामिल थे। वहीं, हमले को अंजाम देने आए आतंकियों को ढेर कर दिया गया। संसद पर हमले की आज 19वीं बरसी है। ऐसे में आइए जानते हैं, आखिर क्या हुआ था उस दिन...

Parliament attacks: remembers martyrs who laid their lives while defending Parliament Attack on 13 December 2001
संसद पर हमला, बचाव करते जवान (फाइल फोटो) - फोटो : Social media

तारीख 13 दिसंबर 2001,  समय :सुबह 11 बजकर 28 मिनट, स्थान- संसद भवन

इस दिन संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा था। नेतागण संसद में मौजूद थे, किसी बात को लेकर पक्ष और विपक्ष में जबरदस्त हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही 40 मिनट के लिए स्थगित की जा चुकी थी। लेकिन इसी बीच संसद के बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट ने सिर्फ संसद को नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। देश में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर पर आतंकियों ने हमला बोल दिया था। 

Parliament attacks: remembers martyrs who laid their lives while defending Parliament Attack on 13 December 2001
भारतीय संसद पर आतंकी हमले के दौरान जवान (फाइल फोटो) - फोटो : Social media

संसद पर हुए आतंकी हमले में संसद भवन के गार्ड, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे। 19 साल पहले हुए इस हमले की याद आज भी ताजा है। जो हमें जागने को मजबूर करती हैं। आज ही के दिन एक सफेद एंबेस्डर कार में आए पांच आतंकवादियों ने 45 मिनट तक लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को गोलियों से छलनी कर दिया था। जिसके दाग आज भी हर हिंदुस्तानी के सीने में मौजूद हैं। 

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Parliament attacks: remembers martyrs who laid their lives while defending Parliament Attack on 13 December 2001
संसद हमला (फाइल फोटो)

11 बजकर 28 मिनट पर विपक्षी पार्टियों के जबरदस्त हंगामे के बीच संसद भवन की कार्यवाही 40 मिनट के लिए स्थगित की गई थी। संसद में उस समय सत्र चलने की वजह से नेतागण मौजूद थे, लेकिन सदन स्थगित होते ही तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नेता प्रतिपक्ष सोनिया गांधी परिसर से निकल चुके थे। धीरे-धीरे कुछ और सांसद भी वहां से निकल रहे थे, लेकिन उस दौरान तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी अपने साथी मंत्रियों और 200 सांसदों के साथ तब भी परिसर में मौजूद थे।  

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Parliament attacks: remembers martyrs who laid their lives while defending Parliament Attack on 13 December 2001
संसद हमला (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

चूंकि शीतकालीन सत्र चल रहा था तो उस समय परिसर में मीडिया भी मौजूद था और मुस्तैदी से मौजूद था। मंत्री 40 मिनट के ब्रेक में संसद से बाहर निकल रहे थे कि तभी गोलियों की आवाज से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। संसद की कार्यवाही रोके जाने से गोलियों के चलने के बीच में अभी तक एक मिनट से अधिक का समय बीत चुका था। संसद परिसर में आने के हर गेट पर सुरक्षाबल तैनात थे।

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