सेक्स और मसालों से परहेज करते हैं, योगा नियम से करते हैं। दुनिया के सबसे उम्र दराज शख्स का रिकॉर्ड दर्ज करने की ओर बढ़ चले हैं भारत के स्वामी शिवानंद। उम्र का शतक लगाने वाले शिवानंद की लंबी उम्र और सेहत का राज और क्या है, जानें अगली स्लाइड्स में।
योगा और संयम से 120 साल बाद भी जिंदगी का सफर जारी
चेहरे पर झुर्रियां पड़ गई है, बाल पक गए हैं, बदन की खाल भी लटकने लगी है, लेकिन ललाट पर जीवंतता बनी हुई है। आज की भागम-भाग भरी जिंदगी में कोई 120 साल कैसे जिंदा रह सकता है, यह बात कल्पना लगती है, लेकिन सच है। आपके सामने जीते-जागते उदाहरण के रूप में कोलकाता में रहने वाले स्वामी शिवानंद हैं। शिवानंद साधू हैं। इन्होंने तीन सदियां देख ली है। जिंदगी अब भी मजे में कट रही है, शिवानंद जी सेहतमंद है और दुनिया का सबसे उम्रदराज शख्स होने का रिकॉड कायम करने वाले हैं।
योगा और संयम से 120 साल बाद भी जिंदगी का सफर जारी
शिवानंद स्वामी अपने लंबे जीवन का रहस्य बताते हैं। स्वामी के मुताबिक वह सेक्स और स्पाइसेज यानी मसालों से परहेज करते रहे, और नियमित योगा करते आ रहे हैं, जिससे उन्हें उन्हें अच्छी सेहत और निरोगी काया मिली। स्वामी के पासपोर्ट के मुताबिक उनकी उनका जन्म 8 अगस्त 1896 को हुआ था। इस उम्र में भी वह कभी योगा करना नहीं भूलते।
योगा और संयम से 120 साल बाद भी जिंदगी का सफर जारी
स्वामी अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे उम्रदराज के तौर पर रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए प्रयासरत हैं। फिलहाल दुनिया के सबसे उम्रदराज शख्स रिकॉर्ड जापान के जिरोएमोन किमुरा के नाम पर दर्ज है, जो साल 2013 में 116 वर्ष और 54 दिन की उम्र में मरे। हिंदुस्तान टाइ्म्स की खबर के मुताबिक भारतीय पासपोर्ट अथॉरिटी ने शिवानंद की उम्र को एक मंदिर के रजिस्टर से सत्यापित किया।
योगा और संयम से 120 साल बाद भी जिंदगी का सफर जारी
शिवानंद मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले हैं, उनका जीवन गरीबी में गुजरा, इसलिए उन्होंने साधु बनने का निश्चय किया। आखिर योग, अनुशासन, और ब्रह्मचर्य के जरिए वह लंबी उम्र जी रहे हैं। शिवानंद बताते है कि वह बहुत ही सादा खाना खाते है, वह उबली हुई सब्जियां और दो घंटे तक योगा करते हैं। वह चटाई पर सोते हैं। दूध और फलों को फैंसी फल बताते हैं और उन्हें नजरअंदाज करते हैं। शिवानंद के मुताबिक उनको मानने वालों ने रिकॉर्ड के लिए जोर डाला।