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कभी कांग्रेस का चुनाव चिन्ह 'हाथ' नहीं था, कैसे बदलते गए पार्टियों के चुनाव चिन्ह

Tue, 19 Feb 2019 07:31 PM IST
Prabudhh Jain चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prabudhh Jain Updated Tue, 19 Feb 2019 07:31 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019: Intresting facts about symbols of Indian political parties
कांग्रेस

देश में इन दिनों हर तरफ चुनावी चर्चा चल रही है। चुनाव में जो चीजें सबसे ज्यादा अहम होती हैं, उनमें से एक है राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह। इनका पार्टी की राजनीतिक छवि पर गहरा असर पड़ता है। आजाद भारत में सबसे पहला आम चुनाव 1951-52 में हुआ था। इसके बाद अब तक कुल 16 लोकसभा चुनाव भारत में कराए जा चुके हैं। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों में भी काफी बदलाव आए। जानिए देश के पहले लोकसभा चुनावों में क्या थे तत्कालीन पार्टियों के चुनाव चिन्ह? 

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1952 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश की सबसे बड़ी पार्टी थी। वर्तमान में 'पंजा छाप' से पहचानी जाने वाली कांग्रेस पहले चुनाव में 'दो बैलों का जोड़ा' चुनाव चिन्ह पर लड़ती थी। स्वतंत्र भारत में इसी चिन्ह से जीत कर कांग्रेस ने पहली बार बहुमत की सरकार बनाई थी और पण्डित जवाहर लाल नेहरू लोकतांत्रिक व्यवस्था से चुने गए देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे।

Lok Sabha Elections 2019: Intresting facts about symbols of Indian political parties
भाजपा

भारतीय जनसंघ

भारतीय जनसंघ की स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को दिल्ली में की थी। इस पार्टी का चुनाव चिह्न 'जलता हुआ दीपक' था। इसे 1952 के आम चुनाव में केवल 3 सीटें मिलीं। 1977 में जनसंघ समेत भारत के तमाम राजनीतिक दलों का विलय कर के जनता पार्टी का गठन किया गया।1980 में जनता पार्टी  के टूट जाने के बाद जनसंघ की विचारधारा के नेताओं नें भारतीय जनता पार्टी का गठन किया जो आज 'कमल' से पहचानी जाती है। 2014 के लोकसभा चुनावों में इसी भाजपा ने पहली बार बहुमत के साथ सरकार बनाई थी।

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सीपीआई

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) भारत का सबसे पुराना साम्यवादी दल है। इसकी स्थापना 26 दिसम्बर 1925 को कानपुर में हुई थी। 1952 में यह देश का दूसरा सबसे बड़ा दल बन कर उभरा था। भाकपा का पुराना चुनाव चिन्ह 'मक्का और हंसिया' था जो बाद में 'हथौड़ा और हंसिया' हो गया। 

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Lok Sabha Elections 2019: Intresting facts about symbols of Indian political parties
ऑल इंडिया फार्वर्ड ब्लाक

फॉरवर्ड ब्लाक (रुईकर गुट)

ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लाक की स्थापना 1939 में  नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने की थी। 1948 में ये दो हिस्सों में बंट गया था। रामचंद्र सखाराम रुईकर के नेतृत्व में बना धड़ा फॉरवर्ड ब्लॉक (रुईकर) कहलाया। 1952 में इस दल ने 'पंजा छाप' पर चुनाव लड़ा था, जो अब कांग्रेस का चुनाव चिन्ह है। 

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अखिल भारतीय हिन्दू महासभा

अखिल भारतीय हिन्दू महासभा

अखिल भारतीय हिन्दू महासभा की स्थापना 1915 में  विनायक दामोदर सावरकर ने की थी। 1952 में इस दल का चुनाव चिन्ह 'घोड़ा और सवारी' था। बाद में अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने अपने चिन्ह यानी 'महासभा का झंडा' पर ही चुनाव लड़ने का फैसला किया।

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