वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को बजट पेश किया। आम बजट में उन्होंने छोट करदाताओं को राहत दिया। पहली बार इनकट टैक्स रिटर्न भरने वालों को एक साल तक स्क्रूटिनी से छूट मिलने की बात कही। वहीं, अब पांच लाख तक की आय वाले करदाता एक पन्ने के फॉर्म में आईटी रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। हालांकि, रिटर्न में देरी होने पर लेट फीस जरूर भरनी होगी।
अरुण जेटली ने कहा कि आईटी रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख के बाद रिटर्न भरा जाएगा तो पांच हजार रुपए लेट फीस के तौर पर भरने होंगे। वहीं, करदाता 31 दिसंबर तक भी टैक्स नहीं जमा कर पाते हैं तो उन्हें 10 हजार रुपए लेट फीस देनी होगी।
जिन लोगों की आय पांच लाख रुपए से ऊपर नहीं है, उनके लिए बजट में राहत दी गई है। उन्हें लेट फीस के रूप में अधिकतम एक हजार रुपए देने होंगे।
अरुण जेटली ने कहा कि देश की वर्तमान जीडीपी की तुलना में टैक्स कलेक्शन बहुत कम है। असंगठित क्षेत्र में करीब 4.2 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। इनमें से सिर्फ 1.74 करोड़ लोग रिटर्न फाइल करते हैं। असंगठित क्षेत्र और छोटे बिजनेस करने वाले 5.6 करोड़ लोगों में से महज 1.81 करोड़ लोग ही रिटर्न फाइल करते हैं।