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श्यामा प्रसाद मुखर्जीः जिनकी रखी नींव पर खड़ी हुई भाजपा, जानें खास बातें

Thu, 06 Jul 2017 01:30 PM IST
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी Updated Thu, 06 Jul 2017 01:30 PM IST
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Indian JanSangh founder Shyama Prasad Mukherjee's birth anniversary
- फोटो : social media
भारतीय जनसंघ के संस्थापक और आजादी के बाद नेहरू सरकार में मंत्री की भूमिका में रहे डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की आज जयंती है। भारतीय जनता पार्टी आज जो कुछ भी है यह उन्हीं की देन है। उन्हें एक प्रखर राष्ट्रवादी नेता के रूप में याद किया जाता है।
Indian JanSangh founder Shyama Prasad Mukherjee's birth anniversary
- फोटो : social media
वह महज 33 साल की उम्र में कोलकाता यूनि‍वर्सि‍टी के वीसी बन गए थे। डॉ. मुखर्जी को मानवता के उपासक व सिद्धांतों पर चलने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने 6 अप्रैल 1950 को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा 1950 में हुए नेहरु-लियाकत समझौते के विरोध में दिया।
Indian JanSangh founder Shyama Prasad Mukherjee's birth anniversary
- फोटो : social media

डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने अलख जगाने के उद्देश्य से राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने  कांग्रेसी हिन्दुओं को इकट्ठा कर कृषक प्रजा पार्टी से मिलकर प्रगतिशील गठबन्धन का निर्माण किया। इस सरकार में वे वित्तमन्त्री बने। इसी समय वे सावरकर के राष्ट्रवाद के प्रति आकर्षित हुए और हिन्दू महासभा में सम्मिलित हुए। उन्होंने नाराज होकर कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। उस समय मुस्लिम लीग की राजनीति से बंगाल का वातावरण दूषित हो रहा था।

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Indian JanSangh founder Shyama Prasad Mukherjee's birth anniversary
Shyama Prasad Mukherjee - फोटो : social media

वहाँ साम्प्रदायिक विभाजन की नौबत आ रही थी। साम्प्रदायिक लोगों को ब्रिटिश सरकार प्रोत्साहित कर रही थी। ऐसी स्थिति को देखते हुए बंगाल के हिंदुओं की उपेक्षा नहीं होने पाए इसके लिए खुद कदम उठाया। उन्होंने बंगाल विभाजन की विरोधी नीतियों को खत्म किया था। श्यामाप्रसाद मुखर्जी चाहते थे कि जम्मू कश्मीर को भी भारत के अन्य राज्यों की तरह दर्जा दिया जाए। वह जम्मू- कश्मीर की धारा-370 के घोर विरोधी थे और साथ ही इसको खत्म किए जाने की बात कहते थे। मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। 

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