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भारत-ऑस्ट्रेलिया ने मोदी और मॉरिसन की ऑनलाइन बैठक के बाद किए अहम रक्षा समझौते

Thu, 04 Jun 2020 08:45 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rohit Ojha Updated Thu, 04 Jun 2020 08:45 PM IST
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India and Australia sign defence deal to support a stable and rules based Indo Pacific region
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- स्कॉट मॉरिसन - फोटो : एएनआई

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को अपने संबंधों को सामरिक गठजोड़ के स्तर पर उन्नत बनाने के लिए कई समझौते किए। दोनों देशों ने साजो-सामान (लॉजिस्टिक) सहयोग के उद्देश्य से एक दूसरे के सैन्य अड्डों तक आपसी पहुंच सुगम बनाने के महत्वपूर्ण करार सहित सात समझौते किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ये समझौते हुए।

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दोनों देशों के बीच हुए साझा लॉजिस्टिक सहयोग समझौते (एमएलएसए) के तहत सम्पूर्ण रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के अलावा दोनों देशों की थलसेना को मरम्मत और आपूर्ति बहाली के लिए एक दूसरे के सैन्य अड्डों का उपयोग करने की बात कही गई। बता दें कि भारत ने ऐसा ही समझौता अमेरिका, फ्रांस और सिंगापुर के साथ भी किया है।
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समग्र सामरिक गठजोड़ की तर्ज पर दोनों पक्षों ने विदेश और रक्षा सचिव से लेकर मंत्री स्तर पर ‘टू प्लस टू’ वार्ता को समोन्नत किया। दोनों देशों ने साइबर व साइबर युक्त प्रौद्योगिकी और खनिज व खनन, सैन्य प्रौद्योगिकी, व्यावसायिक शिक्षा और जल संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर समझौता किया।
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दोनों पक्षों ने आतंकवाद के बढ़ते खतरे, हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा चुनौतियों, विश्व व्यापार संगठन में सुधार तथा कोरोना वायरस संकट से निपटने के रास्तों सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए दोनों देशों ने ‘हिन्द प्रशांत क्षेत्र में नौवहन सहयोग की साझी दृष्टि’ शीर्षक से घोषणा भी जारी किया, जिसमें इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थितरता और समृद्धि को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त की गई ।

आतंकी गतिविधियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता

मोदी-मॉरिसन के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने दोहरे कराधान समझौते के उपयोग के जरिए भारतीय कंपिनयों की आय पर कराधान के मुद्दे पर चर्चा की और इस मुद्दे का जल्द हल निकालने की बात कही।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समग्र आर्थिक सहयोग समझौता (सीईसीए) पर फिर से बातचीत करने का निर्णय किया, जहां आपसी सहमति से रास्ता तलाशा जाएगा। दोनों देशों ने आतंकवाद को क्षेत्र की शांति व  स्थिरता के लिए खतरा माना और इस बुराई के हर स्वरूप की कड़ी निंदा करते हुए जोर दिया कि किसी भी आधार पर आतंकवाद को सही नहीं कहा जा सकता।

संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष हिंसक कट्टरपंथ और चरमपंथ को रोकने, आतंकवादियों के वित्तीय समर्थन को रोकने तथा आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों पर मुकदमा चलाने सहित आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए समग्र रुख का समर्थन करते हैं। दोनों पक्षों ने समग्र अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद संधि (सीसीआईटी) को जल्द अंगीकार करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मॉरिसन के साथ ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए कहा कि भारत में लगभग सभी क्षेत्रों को शामिल करते हुए समग्र सुधार की एक प्रक्रिया शुरू की गई है, क्योंकि वह कोरोना वायरस संकट को एक ‘अवसर’ के रूप में देख रहे हैं ।

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