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प्रतापगढ़ के भाई-बहन बने आईएएस और आईपीएस

Fri, 13 May 2016 04:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़ Updated Fri, 13 May 2016 04:02 PM IST
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In Pratapgarh siblings select on IAS and IPS.
प्रतापगढ़ के आईएएस-आईपीएस - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ के लालगंज तहसील स्थित इटौरी गांव निवासी सगे भाई-बहन ने आईएएस और आईपीएस में सफलता अर्जित कर पूरे जिले का मान बढ़ा दिया है। भाई लोकेश मिश्र को आईएएस में 44 वीं रैंक मिली है तो बहन क्षमा मिश्रा ने आईपीएस में 172वीं रैंक हासिल की है। इनके सगे भाई-बहन पिछले वर्ष आईएएस की परीक्षा में सफल हुए थे। एक ही परिवार से दो भाई और दो बहनों का चयन होने से पूरे गांव में जश्न है। उधर, जिले के राकी गांव निवासी दिल्ली में एक्साइज इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत संजय यादव को भी आईपीएस बनने में कामयाबी मिली है।
In Pratapgarh siblings select on IAS and IPS.
प्रतापगढ़ के आईएएस-आईपीएस टॉपर - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
जिले के लालगंज तहसील के प्रतिभाशाली युवाओं ने बेल्हा का इतिहास ही बदल दिया है। मंगलवार को आईएएस 2015 का रिजल्ट घोषित होने के बाद जिले के इटौरी गांव के लोग खुद पर इतराने लगे। लक्ष्मणपुर इलाके के इटौरी गांव निवासी अनिल कुमार मिश्र का बेटा लोकेश मिश्र आईएएस में चयनित हुआ है। उसे 44वीं रैंक मिली है। लोकेश की सगी बहन क्षमा मिश्रा ने आईपीएस में 172 वां स्थान हासिल किया है। बता दें कि बीते वर्ष आए परिणाम में लोकेश और क्षमा के सगे भाई-बहन, माधवी मिश्रा और योगेश मिश्रा का आईएएस में चयन हुआ था। भाइयों में लोकेश सबसे छोटा है, जबकि बहनों में क्षमा सबसे बड़ी है। चार भाई-बहनों के परिवार में तीन का आईएएस और एक का आईपीएस में चयन हुआ है।
In Pratapgarh siblings select on IAS and IPS.
प्रतापगढ़ के आईएएस-आईपीएस 3 - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़

पहले ही प्रयास सें आईएएस बनने वाले लोकेश बीते वर्ष लोअर सबआर्डिनेट की परीक्षा में बीडीओ पद पर चयनित हुए थे। वर्तमान में वह इटावा जिले के टांखा ब्लॉक में बीडीओ के पद पर तैनात हैं। जबकि क्षमा का बीते वर्ष आए परिणाम में डीएसपी पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में वह मुरादाबाद में ट्रेनिंग प्राप्त कर रही हैं। लालगंज के ही रॉकी गांव के एक और लाल ने भी कमाल कर दिखाया है। रायबरेली सीमा स्थित रॉकी गांव निवासी संजय कुमार यादव ने आईपीएस की परीक्षा में 702वीं रैंक प्राप्त की है। छह भाई-बहनों में सबसे छोटे संजय कुमार का वर्ष 2012 में सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर चयन हो गया था। वह वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं। नौकरी के साथ वह परीक्षा की तैयारी भी कर रहे थे।

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In Pratapgarh siblings select on IAS and IPS.
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
चार साल पहले पिता स्व. रामसुख का साया सिर से उठने के बाद भी संजय ने अपने मजबूत इरादों को डिगने नहीं दिया। हालांकि परिवार में एक भाई सीआरपीएफ में ड्राइवर है, मगर अपनी मां गंगादेई के सपने को साकार करने के लिए संजय संघर्ष करता रहा। अविवाहित संजय ने आईपीएस में चयन होने के बाद ही शादी रचाने का निश्चय किया था। गांव में अकेली रह रही मां गंगादेई को जब जानकारी हुई कि उसका बेटा आईपीएस में चयनित हो गया है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसकीआंखों से खुशी के आंसू टपक पड़े।
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