पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में शिरकत करने के फैसले और उनका भाषण सबकी जुबान पर चढ़ा हुआ है। 7 जून गुरुवार को उन्होंने जो भाषण दिया उसके मायने सब अपने मुताबिक निकाल रहे हैं।
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हेडगेवार के जन्म स्थल पर प्रणब मुखर्जी, मोहन भागवत
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को आरएसएस संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जन्मस्थल पर पहुंच उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रणब के नागपुर में संघ मुख्यालय जाने के फैसले को लेकर कांग्रेस असहज थी। कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने मुखर्जी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी थी।
मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी भी अपने पिता के फैसले से सहमत नहीं थी। उन्होंने कहा था कि प्रणब मुखर्जी का भाषण किसी को याद नहीं रहेगा लेकिन उनकी तस्वीर का इस्तेमाल जरूर किया जाएगा।
वहीं कई वरिष्ठ कांग्रेसियों ने मुखर्जी को एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति बताया और संघ के समारोह में जाने के उनके फैसले का स्वागत किया था।