निर्वाचन आयोग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार भाजपा को दिल्ली की 70 सीटों में से 48 और ‘आप’ को 22 सीटों पर बढ़त दिखाई गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जंगपुरा में भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह से हार स्वीकार कर ली है, जबकि भगवा पार्टी के प्रवेश वर्मा ने चर्चित नई दिल्ली सीट पर ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हरा दिया है।
इससे पहले 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद देश की सियासत में बहुत कुछ बदला है। ये बदलाव देश के सियासी नक्शे पर भी दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की सत्ता में आने बाद देश का सियासी नक्शा कैसे बदला है? मोदी सरकार बनने के वक्त कितने राज्यों में भाजपा और कितने राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी? कितने राज्यों में अन्य दल सत्ता में थे? कब देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले हिस्सों में भाजपा और उसके सहयोगी सरकारों का शासन आया? इस वक्त देश का सियासी नक्शा कैसा है? आइये जानते हैं...
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- फोटो : Amar Ujala
जब मोदी सत्ता में आए तब सात राज्यों में थीं भाजपा सरकारें
मई 2014 में नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके सत्ता में आने के समय देश के सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दल सरकार चला रहे थे। इनमें पांच राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री थे, जबकि आंध्र प्रदेश और पंजाब में उसकी सहयोगी पार्टी सत्ता में थी। इन दो राज्यों में देश की छह फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। बाकी पांच राज्यों छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा के मुख्यमंत्री थे। इन राज्यों में देश की 19 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है।
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यानी, जब नरेंद्र मोदी देश की सत्ता में आए उस वक्त करीब 26 फीसदी आबादी पर भाजपा और उसकी सहयोगी सरकारें चल रही थीं। उस वक्त देश के 14 राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों की सरकार थी। कांग्रेस शासित इन राज्यों में देश की 37 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे बड़े राज्य शामिल थे।
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2018 में पीक पर पहुंची भाजपा
2014 में सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। चार साल बाद मार्च 2018 में 21 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ये वो दौर था, जब भाजपा शासन आबादी के लिहाज से पीक पर था। वहीं, चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। इन राज्यों की सात फीसदी आबादी रहती है।
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महाराष्ट्र और झारखंड के नतीजो के बाद क्या बदला?
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव हुए थे। महाराष्ट्र में भाजपा नीत गठबंधन ने अपनी सत्ता बरकरार रखी। वहीं, झारखंड में झामुमो ने अपनी सरकार कायम रखी। महाराष्ट्र में देश की 10.00% आबादी रहती है। देश के 9.4 फीसदी भू-भाग वाले महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति की सरकार शासन कर रही है। वहीं, देश के 2.4 फीसदी भू-भाग वाले झारखंड में देश की करीब तीन फीसदी आबादी निवास करती है। यहां हेमंत सोरेन अपनी सरकार चला रहे हैं।
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दिल्ली चुनाव के नतीजों का क्या असर?
दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा ने वापसी की है। देश की आबादी का लगभग 1.3 फीसदी हिस्सा रहता है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, दिल्ली की आबादी 1.68 करोड़ थी। देश के 0.02 फीसदी भू-भाग वाले केंद्र शासित प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार शासन कर रही है।