सलमान के साथ उनकी दोनों बहनें अलवीरा और अर्पिता भी कोर्ट पहुंची थीं। सलमान का सुरक्षाकर्मी शेरा अंदर घुसा तो उसको बाहर जाने को कह दिया गया।
सलमान सीधा कोर्ट रूम में सह आरोपियों के साथ जाकर खड़े हो गए। सभी ने सीजेएम देवकुमार खत्री को नमस्ते किया, जिसे सीजेएम ने मुस्कुराकर स्वीकार किया।
सलमान के खिलाफ लोक अभियोजक भवानी सिंह भाटी और सलमान के पक्ष में हस्तीमल सारस्वत ने बहस की।
लोक अभियोजक ने अदालत से कहा कि सलमान पर पहले भी कई मामलों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। कुछ में निचली अदालतों में सजा का फैसला आ चुका है, लेकिन मामले हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सलमान आदतन अपराधी है, जो किसी भी तरह की रियायत का हकदार नहीं है। लोक अभियोजन ने वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/51 व आईपीसी की धारा 148 के अंतर्गत पूरे छह साल की सजा की मांग की।
सलमान के वकील ने कहा कि उनको आदतन अपराधी कहना सही नहीं है। उनकी समाज में काफी प्रतिष्ठा है और आचरण अच्छा रहा है। वह काफी सामाजिक कार्य भी करते हैं। कई लोगों की उन्होंने सीधे मदद की है। सलमान को मामले में फंसाया गया है। उन्हें बरी किया जाए। यदि सजा दी जाए, तो भी वह रियायत के पूरे हकदार हैं।