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जन्मदिन विशेष: इकबाल के 10 खास शेर जो सीधे आपके दिल में उतरते हैं

Wed, 09 Nov 2016 08:06 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 09 Nov 2016 08:06 AM IST
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birthday special story on allama iqbal
s - फोटो : s

उर्दू भाषा को पसंद करने वाले और शायरी की दुनिया से ताल्लुक रखने वालों के लिए अल्लामा इकबाल का नाम नया नहीं है।  स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इकबाल से रुबरू हो या न हो, लेकिन इकबाल के शब्द उनकी जिंदगी से शुरुआत से ही गुफ्तगू करने लगते हैं। 'सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' का जिक्र कीजिए या फिर लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी... हर तरफ इकबाल अपने शब्दों से लोगों को बांधते चलते हैं। 9 नवंबर 1877 को सियालकोट (अब पाकिस्तान में )में जन्मे इकबाल की शायरी की ताकत की वजह से ही उन्हें पाकिस्तान का राष्ट्रकवि कहा जाता है।



यूं तो शेरो-शायरी के असल मायने महबूब से इश्क के इकरार और तकरार से है, लेकिन इकबाल इन सभी से बेहद आगे हैं। वो अपने शेरों में सिर्फ माशूका की खूबसूरती, उसकी जुल्फें, उसके यौवन की बात नहीं करते बल्कि उनके शेरों में मजलूमों का दर्द भी नजर आता। इकबाल नारी शक्ति पर भी लिखते हैं और शायरी में नारी को महबूबा की तरह भी संवारते हैं।

आज उनके जन्मदिन पर आपके लिए हम उनके वो शेर लेकर आए है जो आज भी हमारे जहन में जिंदा हैं। जो हमें एहसास कराते हैं इंसान मरता है उसके शब्द नहीं मरते। शायर अपनी शायरी में जिंदा रहते हैं, हमेशा।

birthday special story on allama iqbal
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इकबाल के शेरों में मुल्क की परवाह साफ झलकती है। वो मुल्क में रहने वाले लोगों को अपने शेर के बहाने आगाह करते हुए लिखते हैं.....

वतन की फिक्र कर नादां मुसीबत आने वाली है
तेरी बर्बादियों के मशवरे हैं आसमानों में,
न समझोगे तो मिट जाओगे ऐ हिंदोस्तां वालो
तुम्हारी दास्तां तक भी न होगी दास्तानों में।
birthday special story on allama iqbal
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हर हिन्दुस्तानी की जुबां पर चढ़ा ये शेर इकबाल को हर हिन्दुस्तानी का शायर बनाकर रख देता है। कहते हैं कि पाकिस्तान का ख्याल सबसे पहले इकबाल के जहन में आया था, लेकिन उनके जेहन में हिन्दोस्तां की तस्वीर ऐसी थी।

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्ताँ हमारा

 
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birthday special story on allama iqbal
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जब इंसान हिम्मत हार जाए तो इकबाल का ये शेर उसके भीतर जादुई ताकत भरने का काम करता है।

खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले
खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है

 
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birthday special story on allama iqbal
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महबूबा से मिलने की तड़प को सीधे से शब्दों में कुछ यूं कह जाते हैं इकबाल.....

जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं,
सितम न हो तो मुहब्बत में कुछ मजा ही नहीं

 
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