महाराष्ट्र की राजनीति पर चर्चा के दौरान एक नाम जो हर किसी के जुबान पर रहता है वह बाल ठाकरे हैं। मुबंई की राजनीति में अहम कद रखने वाले बाल ठाकरे की जयंती पर देश उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है। बाल ठाकरे की राजनीति के केंद्र में हिंदुत्व और मराठी मानुष थे। मुंबई आकर बसने वाले उत्तर भारतीयों के खिलाफ उनके बयान अक्सर चर्चा का विषय बनते थे। बाल ठाकरे का पुणे में 1926 में जन्म हुआ था।
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बाल ठाकरे के फोटो के सामने गले मिलते उद्धव और आदित्य
- फोटो : Shiv Sena Insta
17 नवंबर 2012 को मुंबई में 86 साल की अवस्था में बाल ठाकरे की मृत्यु हुई थी। निधन की खबर सुनते ही मुंबई में चारों ओर सन्नाटा पसर गया था। अंतिम संस्कार के दिन भी आलम वैसा ही रहा। सड़कें खाली पड़ी रहीं और गाड़ियों की आवाजाही न के बराबर थी।
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बाल ठाकरे
- फोटो : Social Media
शहर की सभी मुख्य जगहों पर पुलिस ने गश्त बढ़ा दी थी। दुकानें रेस्टोरेंट्स और होटल भी बंद हो गए थे। मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेनें चल जरूर रही थी लेकिन आम दिन के मुकाबले उनमें यात्रियों की तादाद काफी कम थी। मुंबई में चार्टर्ड एकाउंटेंसी की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई थी। उस दिन फिल्मों की शूटिंग वाले स्थान जैसे फिल्मिस्तान, महबूब, फिल्मसिटी स्टूडियो में भी कामकाज बंद था। यहां तक कि छोटे-छोटे टीवी सीरियल की शूटिंग भी नहीं हुई।
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Bal Thackeray
- फोटो : social media
बाल ठाकरे लगभग 46 साल तक सार्वजनिक जीवन में रहे। लेकिन उन्होंने न तो कभी कोई चुनाव लड़ा, न ही कोई राजनीतिक पद स्वीकार किया, फिर भी महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे। मुंबई को अपना गढ़ बनाकर काम करने वाले बाल ठाकरे अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्खियां बटोरते रहे। जानिए उनके कुछ ऐसे ही विवादास्पद बयान
मुंबई में परमिट सिस्टम
अन्य राज्यों से मुंबई आकर बसने वालों के खिलाफ बाल ठाकरे बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग करते थे। विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले लोगों के प्रति उनकी टिप्पणी हमेशा से सख्त होती थी। उसी समय से यूपी-बिहार के लोगों को 'भईया' कहकर पुकारा जाने लगा था। मार्च 2010 में महाराष्ट्र के राज्यपाल के शंकरनारायण ने कहा था कि मुंबई में कोई भी रह सकता है। इस पर बाल ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा था कि मुंबई धर्मशाला बन गई है, बाहरी लोगों को आने से रोकने का एकमात्र तरीका यही है कि परमिट सिस्टम लागू कर दिया जाए।