जोक्स हिंदी: हंसने से इंसान प्रसन्न रहता है और मन में अच्छे-अच्छे ख्याल आते होंगे। सेहतमंद रहने के लिए हमें मानसिक तनाव से मुक्त रहना चाहिए। मानसिक तनाव से बचाने में हंसी हमारी मदद करती है। इसलिए हम सभी को हर दिन हंसना चाहिए। इसीलिए हम आपको हंसाने के लिए कुछ मजेदार जोक्स और चुटकुले लेकर आए हैं जिन्हें पढ़ने के बाद आप हंस हंसकर लोटपोट हो जाएंगे।
जोक्स हिंदी: पत्नी- मैं अपने पुराने कपड़े दान कर दूं क्या? पति का जवाब सुनकर गुस्से हो गई लाल
जोक्स हिंदी: तनाव से बचने के लिए हर दिन नियमित रूप से हंसना चाहिए। इसीलिए हम आपको हंसाने के लिए लेकर आए हैं कुछ ऐसे मजेदार जोक्स, जिन्हें पढ़ने के बाद आप हंस हंसकर लोटपोट हो जाएंगे।
पत्नी- मैं अपने पुराने कपड़े दान कर दूं क्या?
पति- नहीं फेंक दे, क्या दान करना..
पत्नी- नहीं जी, दुनिया में बहुत सी गरीब और भूखी प्यासी औरते हैं, किसी के काम आ जाएंगे..
पति- तेरे साइज के कपड़े जिसे आ जाएंगे वह क्या भूखी प्यासी होगी।
पत्नी- अजी सुनते हो, इस बार गर्मियों की छुट्टियों में हम कहां चलेंगे...?
पति (रोमांटिक अंदाज में गुनगुनाते हुए) - जहां गम भी ना हो,
आंसू भी ना हो, बस प्यार ही प्यार पले...
पत्नी- देखो जी ऐसा तो बिलकुल नहीं हो सकता।
मैं तो साथ चलूंगी ही चलूंगी...!
जोक्स: पप्पू- गुरुजी मुझे बताइए कि मैं कैसे अपने अंदर की कमियां ढूंढू? शिक्षक ने दिया गजब का जवाब
एक व्यक्ति हेलीकॉप्टर उड़ाना सीख रहा था...!
पांच सौ फुट की ऊंचाई पर उड़ते-उड़ते अचानक
हेलीकॉप्टर नीचे आ गिरा...!
प्रशिक्षक ने पूछा- क्या हुआ...?
जवाब मिला- कुछ नहीं, ऊपर जाकर मुझे ठंड लगने लगी,
सो मैंने पंखे बंद कर दिए थे...!
फनी जोक्स: साली की बात सुनकर जीजा के उड़े होश, पढ़िए धमाकेदार चुटकुले
टीचर ने साइंस लैब में अपनी जेब से सिक्का निकाला और एसिड में डाला, फिर बच्चों से पूछा कि ये सिक्का घुल जाएगा या नहीं
बच्चा- सर, नहीं घुलेगा।
टीचर- शाबाश, लेकिन तुम्हें कैसे पता?
बच्चा- सर अगर एसिड में डालने से सिक्का घुलता, तो आप सिक्का हमसे मांगते, ना कि अपनी जेब से निकालते...
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)