फनी जोक्स: काम का बोझ और सामाजिक दबाव की वजह से देश में अधिकतर लोग आज के समय में मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में हंसी एक ऐसी भावात्मक अभिव्यक्ति है जिससे मानसिक तनाव कम होता है और मन हल्का रहता है। इसलिए, हर इंसान को रोज थोड़ी देर कुछ समय निकालकर जरूर हंसना चाहिए। हंसने की सबसे खास बात यह है कि जब हम किसी इंसान को हंसते हुए देखते हैं तो हम खुद मुस्कुराने लगते हैं।
एक बुजुर्ग अपनी पुरानी मारुति से जा रहे थे..
कि एक BMW को ज़रा सी खरोंच लग गयी।
BMW में से चार लम्बे चौड़े सरदार निकले
और वृद्ध व्यक्ति की पिटाई की नौबत आ गयी।
तभी बुजुर्ग ने कहा कि आप चार हैं
और मैं अकेला, ये तो ना-इंसाफी है
उन चारों सरदारों में जो सबसे बड़ा था,
वो बोला, सुरजिते और अमार्जिते तुम अंकल की तरफ हो जाओ।
बुजुर्ग बोला, “पर हम तो तीन हैं और आप दो ”
तो उन मे से सुरजिते बोला-
कोई बात नहीं अंकल जी आप घर जाओ, इन दोनो से हम निपटते हैं !
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साली- जीजू, क्या आप दीदी से डरते हैं?
जीजा- डरता नहीं हूं… बस उनकी बात मान लेता हूं.
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जीजा- तुम्हें जीवन में क्या चाहिए?
साली- पैसा।
जीजा- पैसे को साइड में रखो, अब बताओ क्या चाहिए?
साली- साइड में रखे पैसे।
फनी जोक्स: मास्टर- तुमने होमवर्क क्यों नहीं किया? गप्पू का जवाब सुनकर कोमा में पहुंच गया
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डॉक्टर- क्या बात है?
पप्पू- जी, कुत्ते ने काट लिया है।
डॉक्टर- तुमने बाहर बोर्ड पर लिखा नहीं पढ़ा, मरीज देखने का समय केवल सुबह आठ से 11 बजे तक है और तुम एक बजे आये हो।
पप्पू- जी मैंने तो पढ़ लिया था, पर कुत्ते ने नहीं पढ़ा।
चुटकुले: सुहागरात को पत्नी से बोला मौंटी- तुम्हारी आंख में पूरा शहर दिख रहा, बीवी का जवाब सुनकर हो गया बेहोश
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मां- कहां हो बेटी?
रिंकी- हॉस्टल में पढ़ रही हूं, एग्जाम बहुत नजदीक हैं, इसलिये बहुत पढ़ना पड़ता है!!! आप कहां हो?
मां- थिएटर में ठीक..तेरे पीछे बैठी हूं, ब्रेक में मेरे लिए भी पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक ले आना
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)