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संघर्ष से भरा रहा रामायण बनाने वाले रामानंद सागर का जीवन, कभी साबुन बेचे तो कभी किया चपरासी का काम

Tue, 29 Dec 2020 04:15 PM IST
Tanuja Yadav एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 29 Dec 2020 04:15 PM IST
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ramanand sagar birthday special here you know his painful struggle and success story
ramanand sagar - फोटो : file photo

कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लगे हुए लॉकडाउन के दौरान रामानंद सागर लोगों के लिए संजीवनी बूटी से कम नहीं थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस शख्स ने रामायण के जरिए अनूठा इतिहास रचा और सभी की जिंदगी में रस घोला, असल में उनकी खुद की जिंदगी बड़ी ही बेनूर और तकलीफों से भरी हुई थी।

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ramanand sagar - फोटो : file photo

रामानंद सागर का जन्म लाहौर के पास असल गुरू में हुआ था। कई दशक पहले उनके परदादा लाहौर से कश्मीर आकर बस गए थे। रामानंद सागर का असली नाम चंद्रमौली चोपड़ा था, लेकिन जब उनकी नानी ने उन्हें गोद लिया तो उनका नाम बदलकर रामानंद सागर रख दिया। रामानंद सागर का परिवार लाहौर के धनी परिवारों में से एक माना जाता था। जब विभाजन हुआ तो रामानंद सागर के परिवार को अपना जमा-जमाया व्यापार और सारी प्रॉपर्टी छोड़कर कश्मीर आना पड़ा। यहीं से रामानंद सागर के परिवार के मुफलिसी और परेशानी भरे दिन शुरू हुए। 

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Ramanand Sagar - फोटो : social media

विभाजन के समय भारत आने की वजह से रामानंद सागर के परिवार के पास पैसों की कमी हो गई थी। पैसों की कमी के चलते उनके पास पढ़ाई के लिए पैसे बमुश्किल बचते थे और उनको शिक्षा ग्रहण करने में दिक्कत आने लगी। इसके बाद रामानंद सागर ने एक चपरासी के तौर पर काम करना शुरू किया। इस नौकरी से उनके पास कुछ पैसे आने लगे थे। इसके बाद रामानंद सागर ने ट्रक क्लीनर से लेकर साबुन बेचने और सुनार का भी काम किया। रामानंद सागर दिन में ये सब काम करते थे और रात में पढ़ाई करते थे।

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रामानंद सागर - फोटो : social media

रामानंद सागर ने हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष करते रहे। रामानंद सागर के जीवन में टर्निंग प्वाइट तब आया, जब उन्होंने मुंबई मायानगरी का रुख किया। उन्होंने फिर 'रेडर्स ऑफ द रेल रोड' नाम की मूक फिल्म में एक क्लैपर बॉय के तौर पर करियर की शुरुआत की। इसके बाद रामानंद सागर ने पृथ्वीराज कपूर के पृथ्वी थिएटर में असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर काम किया था। राज कपूर की फिल्म बरसात की कहानी और स्क्रीनप्ले लिखा। रामानंद सागर ने कई हिट फिल्में दीं और टीवी इंडस्ट्री से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक तहलका मचा दिया।

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रामानंद सागर - फोटो : सोशल मीडिया

रामानंद सागर की रामायण को आए करीब 33 साल हो चुके हैं लेकिन आज भी उसका जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। उनकी रामायण में अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया ने राम-सीता का किरदार निभाया है। बाद में लोग इन्हें सच में राम-सीता समझने लगे थे।

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