'बिग बॉस' के टॉप प्रतियोगियों में जगह बनाने के बाद विशाल आदित्य सिंह घर से बाहर हो चुके हैं। 'बिग बॉस' के अपने सफर से खुश होने के बावजूद ग्रैंड फिनाले से ठीक पहले घर से बाहर होने के कारण विशाल थोड़े निराश भी हैं। उनका मानना है कि निजी जिंदगी में उन्हें यहां मिले अनुभव काफी काम आएंगे और इस शो से वह और भी बेहतर इंसान बनकर निकले हैं। घर से बाहर निकलने के बाद विशाल ने अमर उजाला से बातचीत की और बताया कि आखिर यह शो उनके लिए किन मायनों में खास रहा।
'बिग बॉस' में बिग बॉस के बिना काम चल सकता है लेकिन सलमान खान के बिना नहीं: विशाल आदित्य सिंह
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इस शो में आखिर आपने ऐसा क्या सीखा जो बाहर कभी नहीं सीख पाए।
घर के अंदर पहुंच कर मुझे एक बात समझ में आ गई कि सभी को जवाब देना और सफाई देना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। मैं पहले इन सभी चीजों में पड़ जाता था। मुझे लगता था कि अगर मैंने किसी को कुछ कह दिया है या किसी ने गलत समझ लिया है तो मुझे सफाई देनी पड़ेगी। लेकिन घर के अंदर जाने के बाद मुझे यह समझ आया कि यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। अगर आप किसी को सफाई नहीं देते हैं तो भी ठीक है। पहले मुझे कोई समझ नहीं पाता था या मैं किसी को मैं नहीं समझा पाता था तो मैं उत्तेजित होने लगता था। छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाता था लेकिन शो में जाने के बाद यह आदत खत्म हुई। अब मुझे लगता है कि निजी जिंदगी में भी मुझे इसका जरूर फायदा मिलेगा और पहले मेरा जो ध्यान और शक्ति इस तरफ बर्बाद हो जाती थी अब वह बेहतर चीजों की तरफ लगेगी।
ग्रैंड फिनाले से ठीक पहले आपको घर छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। आखिर ऐसी कौन सी कमी रह गई जिसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ रहा है।
मैं अब भी नहीं समझ पा रहा हूं कि आखिरी टॉस्क में जब मुझे गिनती करनी थी तब ना जाने मैंने कैसे गलती कर दी। शाहनाज, आसिम और रश्मि के समय पर मैंने एकदम सही गिनती की थी लेकिन अपने ही समय में गलती कर बैठा। उसी एक गलती की वजह से मैं घर के बाहर हूं। अब मुझे बुरा भी लग रहा है कि एक ग्रैंड फिनाले बस एक हफ्ते दूर था और उससे पहले ही मैं बाहर हो गया। लेकिन क्या कर सकते हैं, होनी को कैसे टाल सकते हैं।
घर मैं आपकी किन-किन लोगों से नहीं बन पाई और उसके पीछे क्या कारण रहा।
घर में मेरी वैसे तो सभी से ही बनती थी। जिससे नहीं बनती थी वे थे सिद्धार्थ शुक्ला। क्योंकि वह जिस तरह से भड़काते थे, जिस बदतमीजी से बात करते हैं वह मुझे बिल्कुल भी सही नहीं लगता है। वह अपने आपको ही हमेशा सही समझते हैं जोकि बिल्कुल भी सही नहीं है। इसी बात से हमारे बीच हमेशा झगड़ा होता रहा। कई दफा मेरा मायरा से झगड़ा हो जाता था क्योंकि वह जिस लहजे में बात करती हैं वह मुझे बदतमीजी वाला लगता था। घर में मधुरिमा के साथ भी मेरा बहुत झगड़ा हुआ है। हालांकि वह तो किसी और वजह से हो रहा था। वैसे किसी से मेरा बहुत बड़ा झगड़ा नहीं हुआ है। दोस्त की बात करें तो वहां मेरी दोस्ती रश्मि और आसिम से सबसे अच्छी थी। घर के बाहर भी इनसे मेरी दोस्ती रहेगी। इनके अलावा भी मेरी बोलचाल किससे रहेगी वह तो घर के बाहर आने के बाद ही पता चलेगा। क्योंकि घर के अंदर आप कैसे हैं और बाहर की दुनिया में आप कैसे हैं उसी से निश्चित होगा कि आप किससे कैसे दोस्ती निभा सकेंगे।
पहले की तुलना में 'बिग बॉस' का हिस्सा बनने के बाद आपने सलमान खान से अधिक बातचीत की है और करीब से उन्हें समझने का मौका मिला। 'बिग बॉस' में एक सदस्य रहते हुए आपने उनके अंदर क्या खूबी देखी।
सलमान खान बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं। उनकी सोच जिंदगी को लेकर वह बहुत ही साफ हैं। जिस तरह वह चीजों को देखते हैं वह बहुत ही अलग तरीका होता है। इस स्तर पर पहुंचने के लिए आपको एक अनुभव चाहिेए। जिस तरह का अनुभव उन्होंने अपनी जिंदगी में देखा और सीखा है वह आज उसी के फलस्वरूप इस पायदान पर हैं। मेरा मानना है कि 'बिग बॉस' में बिग बॉस ना रहे तो चल जाएगा लेकिन सलमान खान ना रहें तो नहीं चलेगा। उनके बिना शो की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
आपके अनुसार शो का विजेता कौन बनेगा।
मुझे लगता है और मैं चाहता भी हूं कि आसिम इस शो के विजेता बने।