फिल्म ‘पुष्पा 2’ की रिलीज 15 अगस्त से खिसककर 6 दिसंबर हो जाने के पीछे एक बड़ी वजह इसके टीजर और गानों को हिंदी भाषी क्षेत्रों में उम्मीद से कहीं कम मिली तवज्जो भी रही है। बहाना भले फिल्म की शूटिंग पूरी न हो पाने का हो लेकिन सच ये भी है कि अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना अभिनीत फिल्म ‘पुष्पा 2’ को लेकर हिंदी भाषी राज्यों में हाइप ही नहीं बनी और ऐसा ही अब साउथ की एक और फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ को लेकर होता दिख रहा है। फिल्म की रविवार शाम से एडवांस बुकिंग खुल चुकी है और मंगलवार दोपहर तक के आंकड़ों के मुताबिक हिंदी भाषी क्षेत्रों के दर्शक इस फिल्म में अपेक्षित रुचि ले नहीं रहे हैं।
Kalki 2898 AD Advance Booking: हिंदी में नहीं दिखा कल्कि का करिश्मा, साउथ के मुकाबले 10 फीसदी से भी कम बुकिंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्देशक एस एस राजामौली की फिल्म सीरीज ‘बाहुबली’ से उत्तर भारतीय दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाने वाले अभिनेता प्रभास की उसके बाद रिलीज हुई फिल्में ‘साहो’ और ‘राधेश्याम’ सुपरफ्लॉप रहीं। दोनों फिल्मों को हिंदी भाषी क्षेत्रों में पूरी तरह नकार दिया गया। फिल्म ‘सालार’ से प्रभास की पहुंच फिर से हिंदी भाषी राज्यों में बनी है लेकिन फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ की अब तक सामने आई झलकियां भी ‘सालार’ जैसी ही होने के चलते हिंदी भाषी राज्यों में इसे लेकर खास दिलचस्पी बन नहीं रही है।
आमतौर पर साउथ सिनेमा के तकनीशियन और कलाकार सार्वजनिक रूप से हिंदी में बात करने से बचते हैं। साउथ का कोई भी सितारा दक्षिण में तो हिंदी में बात नहीं ही करता है, सोशल मीडिया पर भी हिंदी में संवाद करने से वे बचते हैं। लेकिन, निर्देशक नाग अश्विन ने न सिर्फ अपने बचपन के सहपाठी राणा दग्गुबाती की अगुआई में फिल्म का मुंबई कार्यक्रम हिंदी में ही कराया बल्कि फिल्म में हिंदी सिनेमा के दो बेहतरीन कलाकार अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण को लेकर हिंदी भाषी दर्शकों को रिझाने की पूरी कोशिश भी की है।
Kalki 2898 AD: बिग बी ने जिनके पैर छुए उनकी बेटियों का ये है ‘कल्कि’ कनेक्शन, एक की तो शादी भी डायरेक्टर से
लेकिन, कारोबार के जानकारों की मानें तो फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ की ब्राडिंग हिंदी भाषी क्षेत्रों में स्थानीय भावनाओं के अनुरूप नहीं हो पाई है। ‘बुज्जी’ कार को मुंबई में भी कोई भाव नहीं मिला था, उत्तर भारत में भी इसे देखने के लिए कहीं कोई मेला लगने की खबर अब तक नहीं आई है। फिल्म की एडवांस बुकिंग के आंकड़ों को देखें तो समझ आता है कि फिल्म का पूरा तिलिस्म दक्षिण भारत में ही है। मंगलवार शाम तक फिल्म की करीब 20.68 करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग हो चुकी है, लेकिन ये अधिकतर बुकिंग दक्षिण भारतीय भाषाओं के संस्करणों की ही है।
फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के हिंदी संस्करण की एडवांस बुकिंग के विवरण के मुताबिक फिल्म की अब तक कुल एडवांस बुकिंग की महज 10 फीसदी से भी कम टिकटें ही हिंदी की बिकी है। फिल्म हिंदी में भी अन्य भाषाओं की तरह टूडी, थ्रीडी, टूडी आईमैक्स और थ्रीडी आईमैक्स में रिलीज हो रही है। फिल्म की हिंदी थ्रीडी की करीब डेढ़ करोड़ रुपये की टिकटें ही अब तक बिक सकी हैं। हिंदी के बाकी प्रारूपों में करीब 40 लाख रुपये की टिकटें और बिक पाई हैं। साउथ सिनेमा की फिल्मों को अखिल भारतीय स्तर पर हिट होने के लिए इनकी कमाई हिंदी में तेलुगु और तमिल के बराबर ही होना बहुत जरूरी है लेकिन फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ इस मामले में शुरुआती दौड़ में पिछड़ती दिख रही है।