नब्बे के दशक की घर बैठी अभिनेत्रियों को ओटीटी पर काम करने के अच्छे मौके मिल ही रहे है। साथ ही ऐसी अभिनेत्रियों को भी अच्छे मौके मिल रहे है, जिनका फिल्मों में करियर कुछ खास नहीं रहा है। अमेजन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज 'हश हश' में जर्नलिस्ट की भूमिका निभा रहीं सोहा अली खान का मानना है कि अगर ओटीटी नहीं होता तो फिल्मों में उन्हें मां और भाभी की भूमिकाएं करनी पड़ती।
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हश हश वेब सीरीज
- फोटो : सोशल मीडिया
जी 5 की सीरीज 'कौन बनेगा शिखरवती' के बाद सोहा अली खान की नई वेब सीरीज हश हश प्राइम वीडियो पर आने वाली है। सोहा अली खान इस सीरीज में जर्नलिस्ट सायबा की भूमिका निभा रही थी। इस सीरीज के ट्रेलर लॉन्च पर जहां सभी कलाकार अपने किरदार के बारे में बताने से कतरा रहे थे। वहीं, सोहा अली खान ने अपने किरदार के बारे में बता दिया। अपनी इस भूमिका को लेकर सोहा अली खान इसलिए ज्यादा उत्साहित हैं क्योंकि वह रियल में भी जर्नलिस्ट बनना चाहती थीं, लेकिन वह अभिनेत्री बन गईं। सोहा अली खान कहती हैं, जर्नलिस्ट बनना मेरा ड्रीम था। जो किसी कारणवश पूरा नहीं हुआ। अपने उस ड्रीम को अब इस सीरीज में मैंने पूरा कर लिया।
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सोहा अली खान साथी कलाकारों के साथ
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हिंदी फिल्मों की बात करें तो फिल्मों में जितना लंबा करियर हीरो का चलता है। उतना लंबा करियर हीरोइन का नही चलता है। पचास के हो जाने के बाद भी हीरो, हीरो ही बनकर आता है। जबकि 40 की उम्र पार हो जाने के बाद हीरोइन को मां और भाभी की भूमिकाएं मिलती है। 43 की हो चुकी सोहा अली खान कहती है, 'अगर ओटीटी नहीं आया होता तो इस उम्र में तो मुझे मां और भाभी की ही भूमिकाएं मिलती।'
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सोहा अली खान, जूही चावला
- फोटो : सोशल मीडिया
फिल्मों में काफी समय से पुरुष प्रधान ही फिल्में बनती आई हैं। पुरुषो के अनुपात में महिला प्रधान फिल्में बहुत कम बनी हैं। लेकिन इस मायने में ओटीटी पर अब नए-नए प्रयोग हो रहे हैं। अब महिलाओं को ध्यान में रखकर कहानियां लिखी जा रही हैं। सोहा अली खान कहती हैं, 'यह बहुत ही अच्छा दौर है और इस दौर को मैं खूब इंजॉय कर रही हूं।'