इंडस्ट्री में पहले से स्थापित किन्हीं दो व्यक्तियों के अहंकार की लड़ाई के बीच कैसे एक इंसान पिस जाता है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण बॉलीवुड के बेहतरीन संगीतकार सरदार मलिक हैं। अपने करियर में 600 से ज्यादा गाने बनाने वाले सरदार मलिक ने शुरुआत से ही संगीत में अपना करियर बनाने की ठानी थी। अपने इसी ख्वाब को पूरा करने में वह सफल भी हुए थे। लेकिन फिर अचानक उनके जीवन में एक ऐसा कुछ हुआ, जिसकी वजह से सरदार मलिक ने हमेशा-हमेशा के लिए संगीत से मुंह मोड़ने की ठान ली थी। आज उन्हीं सरदार मलिक की जयंती है और इसी खास मौके पर हम आपको उनके जीवन के बारे में कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं...
Sardar Malik: 600 से ज्यादा गाने बनाने वाले सरदार जब दो दिग्गजों के अहंकार के बीच फंसे, बर्बाद हो गया था करियर
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13 जनवरी 1930 को पंजाब के कपुरथला में जन्मे सरदार मलिक ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद ही संगीत के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का मन बना लिया था। अपने इस सपने को असलियत में उतारने के लिए सरदार ने खूब मेहनत की और उन्होंने सन 1940 में अपने करियर की शुरुआत कर दी थी। साल 1940 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले सरदार मलिक को पहला ब्रेक मिलने में पूरे 11 साल का लंबा समय लगा था। जी हां, सरदार मलिक को पहला ब्रेक 1951 में आई फिल्म 'स्टेज' से मिला था। इतना लंबा इंतजार कर ब्रेक पाने वाले सरदार मलिक को पहचान पाने के लिए कई ठोकर खानी पड़ी थीं। दरअसल, साल 1953 में आई फिल्म 'ठोकर' से ही सरदार मलिक ने इंडस्ट्री में पहचान बनाई थी। बस फिर क्या था अपने संगीत के दम पर सरदार ने बॉलीवुड में ऐसी 'सरदारी' पाई, जिसकी बदौलत उन्हें इंडस्ट्री का हर शख्स जानने लगा था।
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इसके बाद सरदार मलिक ने बहुत सी फिल्मों में अपने संगीत के लिए वाहवाही बटोरी थी, लेकिन साल 1961 में आई फिल्म 'सारंगा' ने उनकी किस्मत ही पलट दी थी। ‘सारंगा’ के गाने इतने मशहूर हुए कि मनोरंजन जगत में वह चर्चाओं का विषय बन गए। इसका नतीजा यह हुआ कि पूरी इंडस्ट्री में सभी बस अपनी फिल्म के गानों का निर्देशन उन्हीं से कराना चाहते थे। ऐसा करते- करते कुछ वक्त में सरदार मलिक बॉलीवुड के जाने-माने भारतीय संगीत निर्देशक और संगीतकार बन गए थे। आलम यह था कि सरदार मलिक के पास लगातार फिल्मों के ऑफर आ रहे थे, लेकिन फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ कि उन्होंने संगीत से दूरी बनानी शुरू कर ली थी। दरअसल, एक फिल्म के गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान एक मशहूर गायिका और गीतकार के बीच हुए मतभेद की वजह से सरदार मलिक को नुकसान झेलना पड़ा था। वह एक बहुत बड़ी सिंगर थीं और उस गीतकार का भी फिल्मी दुनिया में बहुत दबदबा था। इसी वजह से सरदार मलिक को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। इस विवाद के बाद उनके हाथ से कई फिल्में निकल गई थी और वह संगीत से दूर होते चले गए थे।
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फिल्मी करियर से परे सरदार मलिक का एक छोटा सा खुशहाल परिवार था, जिसमें उनकी पत्नी बिलकिस और उनके तीन बेटे थे। सरदार मलिक के तीनों बेटे अनु मलिक, डब्बू और अबू मलिक ने संगीत में अपना करियर बनाया। लेकिन अनु मलिक के अलावा सरदार के दोनों छोटे बेटे वह कमाल नहीं दिखा पाए, जैसा उनके बड़े भाई ने कर दिखाया था। हालांकि, अब सरदार ने पोते अमाल मलिक और अरमान मलिक इंडस्ट्री में गायकी में अपना हुनर दिखा अपने दादा का नाम रौशन कर रहे हैं। भारतीय हिंदी फिल्मों के संगीत निर्देशक और संगीतकार सरदार मलिक का निधन 81 साल की उम्र में 27 जनवरी 2006 को हो गया था।
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