आर माधवन की 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' को दुनिया भर के लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। वर्ड ऑफ माउथ के कारण पहले सप्ताह की तुलना में फिल्म ने दूसरे हफ्ते काफी अच्छा कलेक्शन किया है। हालांकि, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व रॉकेट वैज्ञानिक नंबी नारायणन के जीवन पर आधारित इस फिल्म को फ्लॉप करने की पुरजोर कोशिशें की गई थीं। इसके बावजूद आर माधवन की फिल्म ने तकरीबन 40 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।
जानिए रॉकेट्री को फ्लॉप करने की कोशिश में रंची गई साजिशों के बारे में -
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रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पोस्टर घोटाला
आर माधवन की फिल्म 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' के रिलीज होने के बाद सिनेमाघरों में इसके पोस्टर न लगाके इसकी कमाई पर असर डालने की साजिश रची गई थी। अमर उजाला की सीनियर कॉपी राइटर ज्योति राघव ने इस बात का खुलासा किया था कि शुरुआती दिनों में सिनेमाघरों ने अपने यहां आर माधवन की फिल्म के पोस्टर ही नहीं लगाए थे जिसकी वजह से लोगों को इस बात का अंदाजा ही नहीं था कि उनके नजदीकी सिनेमाघरों में 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' रिलीज हो गई है।
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रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट रिव्यू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नहीं मिल रहे थे प्रोड्यूसर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आर माधवन ने इस बात का खुलासा किया था कि कई बड़े प्रोड्यूसर्स ने इस फिल्म को प्रोड्यूस करने से मना कर दिया था। अभिनेता ने कहा कि जब मैं प्रोड्यूसर के पास गया तो उन्होंने कहा माधवन जी आप बहुत अच्छी-अच्छी मूवीज बनाते हो। ये कौन-सी फिल्म है? मैंने कहा 'रॉकेट्री'। उन्होंने कहा अच्छा, ठीक है कर लेते हैं प्रोड्यूस। बताओ, हीरोइन कौन है? मैंने कहा हीरोइन नहीं है। बोले अच्छा, फिर फाइट सीन्स कितने हैं? मैंने कहा फाइट सीन्स भी नहीं है। तो उन्होंने कहा, ठीक है फिर प्रोड्यूसर भी नहीं है।
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रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट रिव्यू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
डायरेक्टर का यूं अचानक चले जाना
माधवन ने बताया कि वह इस फिल्म का निर्देशन करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा, मैं एक एक्टर हूं। मैं इस फिल्म को डायरेक्ट नहीं करना चाहता था। लेकिन मैंने डायरेक्ट किया, लोगों के लिए इंतजार किया, उन लोगों को कॉल किया जिनका फोन मैं लाइफ में कभी नहीं उठाता। क्योंकि शूटिंग शुरू होने से 20-25 दिन पहले यह खबर आई कि डायरेक्टर साहब का शेड्यूल मैच नहीं हो पा रहा है। इसलिए उन्होंने इस फिल्म को डायरेक्ट करने से मना कर दिया है। उस वक्त मेरे पास दो ही विकल्प बचे थे। या तो फिल्म को ड्रॉप कर दूं या फिर खुद डायरेक्ट करूं। मैंने दूसरे विकल्प को चुना।