आर माधवन हिंदी सिनेमा के उन बड़े अभिनेताओं में से एक हैं जो अपने किरदार में ढलने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं। आर माधवन अपनी अगली फिल्म 'रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट' के लिए बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजरे थे। इसको लेकर उन्होंने बड़ा खुलासा किया है। 'थ्री इडियट्स', 'साला खड़ूस' और 'तनु वेड्स मनु' फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत चुके आर माधवन अब अपनी अगली फिल्म 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' में एक अलग अवतार में नजर आने वाले हैं।
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आर. माधवन
- फोटो : Amar Ujala
इस फिल्म में भारतीय स्पेस साइंटिस्ट द्वारा मंगल पर पहले ही अटेम्प्ट में पहुंचने की कहानी को दर्शाया जाएगा।माधवन ने लोकप्रिय इसरो रॉकेट वैज्ञानिक नंबी नारायणन की भूमिका निभाने और उनकी तरह दिखने के लिए अपने शरीर के साथ कई प्रयोग किए हैं। माधवन ने खुलासा किया कि उन्होंने रॉकेट्री में अपने कैरेक्टर में ढलने के लिए 96 किग्रा वजन बढ़ाया। केवल मेकअप के लिए 14-14 घंटे दो दिन बैठना पड़ा। अपने बढ़े पेट को दिखाने के लिए कोई पैड का इस्तेमाल नहीं किया बल्कि खानपान से वसा को बढ़ाया था।
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नांबी नारायणन पर बन रही फिल्म में उनका रोल निभा रहे हैं आर माधवन
- फोटो : Twitter @actormaddy
अब नंबी नारायणन की जवानी के सीन्स के लिए माधवन ने फिर से वजन घटाया है। इस सूरत में आने में माधवन को 14 दिन लगेष इस बीच उन्होंने कोई सर्जरी नहीं करवाई बल्कि जिम करके ही बढ़ी कैलोरी को खत्म किया। माधवन ने अपना ये नया फोटो ट्विटर पर साझा किया। उनका नया लुक ऐसा है कि एक बार में देखने पर पहचान पाना भी मुश्किल होगा।
फिल्म में आर माधवन इसरो साइंटिस्ट और एयरोस्पेस इंजीनियर नंबी नारायणन का किरदार निभाते दिखेंगे। पिछले दिनों रिलीज हुए 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' के 1 मिनट 20 सेकेंड टीजर में मंगलयान को लेकर कई सच्चाई को सामने लाते हुए दिखाया गया।
'मिशन टू मार्स' के लिए अमेरिका ने 671 मिलियन डॉलर खर्च किये थे और 19वें प्रयास में सफल हो पाए, जबकि रूस ने 117 मिलियन डॉलर खर्च करके 16वें प्रयास में मंगल पर पहुंचे थे। वहीं भारत ने नवंबर 2014 में सिर्फ एक प्रयास में 74 मिलियन डॉलर खर्च करके मंगलयान के जरिए मंगल पर पहुंचने में सफल हो गए। लेकिन, इस खोज में अहम भूमिका निभाने वाले साइंटिस्ट नंबी नारायणन को केरल की पुलिस ने जासूसी का आरोप लगाकर जेल में डाल दिया था।