कोरोना ने पिछले साल भारत में दस्तक दी थी, लेकिन इसका कहर अभी तक जारी है। वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार लोगों को जागरुक कर रही है। इसके लिए सोशल मीडिया, टीवी और फोन के जरिए भी लोगों को कोरोना से सतर्क रहने की बात कही जा रही है। फोन पर तो कॉल जाने से पहले बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज सुनाई देती है। इसमें वो लोगों को कोरोना से बचने की सलाह देते हैं। हालांकि अब बिग बी की आवाज को फोन से हटाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें कोरोना के खिलाफ सावधानी बरतने की बात कह रहे अमिताभ बच्चन की आवाज वाली कॉलर ट्यून को हटाने का अनुरोध किया गया है। दरअसल याचिका में ये कहा गया है कि बिग बी खुद कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और उनके परिवार को भी कोरोना संक्रमण हुआ था।
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परिवार के साथ अमिताभ बच्चन
- फोटो : Social Media
बता दे कि ये याचिका मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष गुरुवार के दिन लाई गई। पीठ ने इसे 18 जनवरी के लिए सूचीबद्ध किया क्योंकि याचिकाकर्ता के वकील ने भौतिक सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश होने में असमर्थता जताई है। बता दें कि याचिका में कहा गया कि कुछ प्रसिद्ध कोरोना योद्धा मुफ्त में अपनी आवाज देने के लिए इच्छुक थे, लेकिन उन्हें ना लेकर सरकार ने अमिताभ बच्चन की आवाज का इस्तेमाल किया है जबकि वो खुद अपने परिवार समेत इस बीमारी से नहीं बच सके हैं।
अधिवक्ता एके दुबे और पवन कुमार के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि भारत सरकार कॉलर ट्यून पर निवारक उपायों के संबंध में आवाज देने के लिए अमिताभ बच्चन को भुगतान कर रही है। वहीं कुछ कोरोना योद्धा हैं जो राष्ट्र सेवा कर रहे हैं और गरीब और जरुरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। वो बिना किसी भुगतान के अपनी सेवाएं देने और राष्ट्र की सेवा के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि याचिका में आरोप लगाया गया है कि अमिताभ बच्चन का इतिहास बहुत साफ नहीं है और साथ ही वो सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते राष्ट्र की सेवा नहीं कर रहे। बता दें कि याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने नवंबर 2020 में अधिकारियों को ज्ञापन दिया था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।