पूरी दुनिया में अपनी सुरीली आवाज के लिए पहचानी जाने वाली लता मंगेशकरको जब भी कोई सुनता है तो एक पल के लिए वहीं थम जाता है। आज भी उनके गाने सदाबहार हैं और लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं। बॉलीवुड ही दुनिया में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।उन्हें बॉलीवुड में सुरों की देवी कहा जाता है। लेकिन ये बात बहुत ही लोग जानते हैं कि लता मंगेशकर गाने के साथ साथ एक्टिंग भी किया करती थीं।
किस्सा: राज कपूर ने लता मंगेशकर को कहा था बदसूरत लड़की, लाख मनाने के बाद भी नहीं की फिल्म
फिल्म में काम करने का मौका मिला
बात साल 1978 में आई फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' के दौरान की है। राज कपूर इस फिल्म में लता मंगेशकर को कास्ट करना चाहते थे। दरअसल, इस फिल्म में एक ऐसी महिला की जरुरत थी जिसकी आवाज बेहद सुरीली हो और लेकिन उनका चेहरा सामान्य हो। राज कपूर इस फिल्म में दिखाना चाहते थे कि विश्वास प्यार और निस्वार्थ संबंधों पर आधारित होता है, न की शारीरिक खूबसूरती पर। लता मंगेशकर को भी इस फिल्म की कहानी बहुत पसंद आई थी और उन्होंने फिल्म में काम करने के लिए हां भी कर दिया था।
लता को कहा गया 'बदसूरत लड़की'
राज कपूर ने फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' के दौरान दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि " आप एक पत्थर लीजिए, वह तब तक एक पत्थर है, जब तक उस पर कोई धार्मिक निशान नहीं है, वरना वह भगवान बन जाता है। वैसे ही आपने एक सुंदर आवाज सुनी, लेकिन बाद में पता चलता कि ये किसी अग्ली (बदसूरत) लड़की की आवाज है।" इतना कहते ही राज कपूर रुक जाते हैं और अग्ली गर्ल वाली बात हटाने को कहते हैं ताकि लता मंगेश्कर इस बात से अपसेट न हो जाए।
इसके बाद नाराज हुईं लता मंगेशकर
फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' के शुरुआती प्रचार के दौरान यह कहा गया कि लता मंगेशकर को आवाज और विरोधाभासी चेहरे की वजह से लिया गया है। लता मंगेशकर इस बात से बेहद गुस्सा हो गईं थीं और फिल्म में काम करने मना कर दिया था। इसके बाद राज कपूर ने लता मंगेशकर को बहुत मनाया था कि वह कम से कम फिल्म में गाना गा दें।
बॉलीवुड में बनाई अपनी जगह
राज कपूर की इस फिल्म में लता मंगेशकर ने कोई गाना तो नहीं गया लेकिन राज कपूर के कई मिन्नतें करने के बाद राज कपूर के कहने पर लता मंगेशकर ने फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ फिल्म में अपनी आवाज दी थी। इस फिल्म में लता कि जगह बाद में जीनत अमान को लिया गया था। आज लता मंगेशकर