बॉलीवुड में हर हफ्ते कोई न कोई फिल्म सिनेमा के रुपहले पर्दे पर दस्तक देती है, ऐसा करते हुए हर साल कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होती हैं। लेकिन इन फिल्मों में कुछ ऐसी भी होती हैं, जो टिकट खिड़की तक पहुचंने में नाकाम रहती हैं। दरअसल, बहुत सी फिल्म को रिलीज होने से पहले ही सेंसर बोर्ड बैन कर देता है। आज भी हम आपको कुछ ऐसी ही फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया था। ऐसा इनमें परोसेगे हद से ज्यादा बोल्ड कंटेंट के कारण किया गया था। चलिए जानते हैं इन फिल्मों के बारे में..
Banned Movies: इन फिल्मों ने झेली सेंसर बोर्ड की मार, अश्लील सीन के कारण रिलीज से पहले हुईं बैन
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सिद्धार्थ (1972)
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम साल 1972 में बनी फिल्म 'सिद्धार्थ' है। उस जमाने में यह पहली ऐसी फिल्म बनी थी, जिसमें हिरोइन को पर्दे पर न्यूड दिखाया गया था। इतना ही नहीं इसमें हीरो और हिरोइन के बीच एक से बढ़कर एक सीन बोल्ड सीन फिल्माए गए थे। ये सीन उस जमाने के हिसाब से कुछ ज्यादा ही बोल्ड और अश्लील थे। इसलिए शशि कपूर और सिमी ग्रेवाल स्टारर इस फिल्म को बैन कर दिया गया था।
सिन्स (2005)
सेंसर बोर्ड के पैमानों पर खरी न उतर पाने के चलते बैन की गई फिल्मों की लिस्ट में 'सिन्स' का नाम भी शामिल है। साल 2005 में बनी इस फिल्म बोल्ड ही नहीं बल्कि न्यूड सीन भी दिखाए गए थे। इस फिल्म के ट्रेलर ने ही तहलका मचा दिया था। ट्रेलर के रिलीज होने के बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचने दिया। फिल्म में एक पादरी की लव स्टोरी दिखाई गई थी, जो अपने आप में एक विवादित टॉपिक था। सेंसर बोर्ड की ओर से इस फिल्म को बैन कर दिया गया।
2015 में बनाई गई इस फिल्म की कहानी समलैंगिक रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। फिल्म में दो लड़कियों के प्यार की कहानी को दिखाया गया था। दोनों के बीच कई बोल्ड सीन्स भी दिखाए गए थे, जो उस दौर में किसी को भी समझ नहीं आ रहे थे। यह अपने जमाने की विवादित फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया था।
यूआरएफ प्रोफेसर
मनोज पावाह अभिनीत और पंकज आडवाणी द्वारा निर्देशित 'यूआरएफ प्रोफेसर' भी बैन हुई फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। इस फिल्म को सीन्स और भाषा से अश्लीलता परोसने के चलते सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया था। मनोज पावाह के अलावा इसमें शरमन जोशी, अंतरा माली मुख्य भूमिका में थे।