फिल्म निर्माता कंपनी विशेष फिल्म्स से इसके संस्थापक मुकेश भट्ट ने कुर्सी त्याग दी है और अब इस कंपनी को मुकेश भट्ट के बच्चे साक्षी और विशेष आगे बढ़ाएंगे। मुकेश कंपनी से सिर्फ सलाहकार की भूमिका में जुड़े रहेंगे। उधर, महेश भट्ट की फिल्मों से दूर जाने की इच्छा जताने पर मुकेश भट्ट ने कहा कि जब भी उनकी जरूरत पड़ेगी, वह हमारे साथ होंगे।
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महेश भट्ट
- फोटो : Social Media
विशेष फिल्म्स की शुरुआत वर्ष 1986 में मुकेश भट्ट ने की थी और इस निर्माता कंपनी के बैनर तले सबसे पहली फिल्म वर्ष 1988 में बनी 'कब्जा'। इस फिल्म का निर्देशन मुकेश के भाई महेश भट्ट ने किया और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। इसके बाद लगातार इसी कंपनी के बैनर तले महेश भट्ट 'डैडी', 'जुर्म', 'आशिकी', 'दिल है कि मानता नहीं', 'सड़क', 'जुनून' जैसी फिल्में बनाते रहे। अब खबर आई है कि महेश ने इस कंपनी को छोड़ दिया है।
एक इंटरव्यू के दौरान मुकेश ने कहा, 'मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि जो फिल्म निर्माता कंपनी विशेष फिल्म्स है, वह मेरी है। मेरे भाई महेश इस कंपनी में मेरे रचनात्मक सलाहकार बन कर रहे। कई प्रोजेक्ट्स पर उन्होंने अपनी सलाह दी। यहां तक कि उन्होंने जब निर्देशन छोड़ दिया, उसके बाद भी वह काम करते रहे। अगर मेरे पास कोई फिल्म होगी तो वह वहां होंगे। उन्हें अपनी रचनात्मकता की वजह से वहां होना ही है। हमारी कोई लड़ाई नहीं हुई है लेकिन अब वह कंपनी में इस पद पर रहना नहीं चाहते।'
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सड़क 2
- फोटो : डिज्मी+हॉटस्टार
विशेष फिल्म्स के बैनर तले महेश भट्ट ने अपनी अंतिम फिल्म 'सड़क 2' बनाई है जो पिछले साल अगस्त के महीने में रिलीज हुई। इस फिल्म को सिनेमाघरों के लिए बनाया गया था लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण इसे ओटीटी पर रिलीज करना पड़ा। फिल्म में संजय दत्त, पूजा भट्ट, आदित्य रॉय कपूर और आलिया भट्ट ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। उस समय महेश भट्ट को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा था। फिल्म के ट्रेलर ने यूट्यूब पर सबसे ज्यादा नापसंद किए जाने का रिकॉर्ड बनाया।
मुकेश ने बताया है कि अब उनके बच्चे विशेष और साक्षी उनकी कंपनी विशेष फिल्म्स की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। मुकेश कहते हैं, 'उनके पास बहुत से बेहतरीन विचार हैं और मैं हमेशा अपने अनुभवों के साथ उनकी मदद करने के लिए उपलब्ध रहूंगा। अब समय आ गया है कि हमारे व्यापार को हमारे बच्चे आगे बढ़ाएं क्योंकि वह भी फिल्मकारी के बहुत इच्छुक हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मैं इस कंपनी के बैनर तले किसी फिल्म का निर्माण नहीं करूंगा।'