कहते हैं कि इश्क कब किससे हो जाए कहा नहीं जा सकता। सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर के लिए भी कुछ ऐसा ही कहा जाता है। कहते हैं कि सुरों की महारानी लता मंगेशकर को एक महाराजा से इश्क हो गया था जो उनके भाई का दोस्त भी था। अगर शादी होती तो लता एक राज्य की महारानी बन जाती। लेकिन किस्मत को कुछ और भी मंजूर था।
इस महाराजा से प्यार करती थीं सुरों की महारानी लता, पूरी जिंदगी दोनों रहे कुंवारे
कभी स्कूल ना जाने वाली लता ने अपनी जिंदगी से ही कई सबक सीखे। अपने भाई-बहनों को कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। लता दी का कहना था कि उनके ऊपर पूरे घर की जिम्मेदारी थी इसीलिए उन्होंने कभी शादी नहीं की। भले ही लता जी अपनी जुबां से कुछ ना कहें लेकिन इस राज के पीछे की सच्चाई कुछ और है।
इस महाराजा से प्यार करती थीं सुरों की महारानी लता, पूरी जिंदगी दोनों रहे कुंवारे
बचपन में कुंदनलाल सहगल की फिल्म चंडीदास देखकर लता जी कहती थीं कि वो बड़ी होकर सहगल से शादी करेंगी। लेकिन उन्होंने आज तक शादी नहीं की। आज उनके जीवन से जुड़ी जो बात हम बताने जा रहे हैं वो शायद ही किसी को पता हो। वो है उनका लव अफेयर। आइए जानते हैं आखिर लता जी को किससे प्यार हुआ था और उनकी शादी क्यों नहीं पाई। हालांकि लता ने खुद कभी नहीं कहा लेकिन कई जानकारों ने इस संबंध में अपनी जुबान खोली थी।
इस महाराजा से प्यार करती थीं सुरों की महारानी लता, पूरी जिंदगी दोनों रहे कुंवारे
डूंगरपुर राजघराने के महाराजा राज सिंह से लता मंगेशकर बेहद प्यार करती थीं। उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर और राज सिंह एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे। वो एक साथ क्रिकेट खेला करते थे। उनकी मुलाकात उस समय हुई जब राज लॉ करने के लिए मुंबई आए। इस दौरान वो लता के भाई के साथ उनके घर पर जाया करते थे।
इस महाराजा से प्यार करती थीं सुरों की महारानी लता, पूरी जिंदगी दोनों रहे कुंवारे
यह सिलसिला बढ़ता गया और देखते ही देखते राज और लता जी की भी दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। तब तक लता का नाम भी चर्चित हस्तियों में गिना जाने लगा था। इसलिए मीडिया में भी लता और राज के रिश्तों को लेकर बातें उड़ने लगीं। राज तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन शादी नहीं हो पाई।
अगली स्लाइड में जानिए क्यों नहीं हो पाई लता मंगेशकर और डूंगरपुर के महाराजा की शादी।