'छपाक' अब सिर्फ एक फिल्म न रहकर राजनीतिक मुद्दा बन गई है। जितना समर्थन करने वाले हैं उससे कहीं ज्यादा संख्या विरोधियों की है। दरअसल ये विरोध फिल्म का न होकर दीपिका पादुकोण है, जिन्होंने छपाक में एक तेजाब पीड़िता का किरदार निभाया है। भाजपा इस पर उबल रही है और कांग्रेस इस पर उछल रही है। बाकी पार्टियां इनकी सियासत पर दम फूंके जा रही हैं। कुछ पार्टियां छपाक की टिकट फ्री में बांट रही हैं तो कुछ इसे देश विरोधी बता रहीं हैं। ताजा मामला अलीगढ़ से आया है जहां फिल्म देखने से पहले इंश्योरेंस कराने की धमकी दी जा रही है।
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'छपाक' के एक दृश्य में दीपिका पादुकोण
- फोटो : अमर उजाला
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में हिंदूवादी संगठनों ने शहर भर में ऐसे पोस्टर लगा दिए हैं कि यदि ये फिल्म देखने का मन बना रहे हो तो पहले अपना इंश्योरेंस करा लो।
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धमकी भरा पोस्टर
- फोटो : Social Media
वहीं न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन पोस्टर्स में लिखा है कि 'चेतावनी..मैं छपाक नहीं देखूंगा और न ही देखने दूंगा। उत्तर प्रदेश के किसी भी सिनेमा घर में नहीं चलने देंगे छपाक। खासकर अलीगढ़ के सिनेमाघरों को सीधी चेतावनी, जिसने भी चलाई छपाक फिल्म वो करा ले अपना बीमा।'
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'छपाक' के एक दृश्य में दीपिका पादुकोण
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा भी पोस्टर में जेएनयू में हुए विरोध में सिर्फ एक धड़े का सपोर्ट करने की बात भी कही गई है। पोस्टर में आगे लिखा है, 'जेएनयू में जो हुआ वो दुखद है, ज्ञान के मंदिरों में हिंसा की कोई जगह नहीं है। दीपिका ने हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई होती तो पूरा देश साथ होता। घायल दोनों पक्ष के लोग हुए तो मुलाकात सिर्फ एक से क्यों?'
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'छपाक' के एक दृश्य में दीपिका पादुकोण
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि धमकी के चलते छपाक को अलीगढ़ में रिलीज नहीं किया जा सका। समाजवादी पार्टी(सपा) के कार्यकर्ताओं ने फिल्म दिखाने को लेकर मीनाक्षी सिनेमा पर हंगामा किया। अलीगढ़ में चार प्रमुख सिनेमाहाल हैं लेकिन किसी ने भी छपाक का शेड्यूल नहीं लिया। सभी सिनेमाघरों में 'तानाजी' फिल्म लगी है।
मुफ्त में दिखाई जा रही है 'तान्हाजी..' और 'छपाक', भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी टक्कर