एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और अपने फैशन स्टाइल के लिए बॉलीवुड में पहचान बनाने वाले फिरोज खान मूलत: अफगानिस्तान के रहने वाले पठान थे। उनका परिवार विस्थापित होकर भारत आ गया था। फिरोज खान का खानदान गजनी का रहने वाला था। मां ईरानी थीं।
फिरोज खान का नाम हिंदी सिनेमा में 70-80 के दशक के सबसे स्टाइलिश हीरो में आता है। वो बॉलीवुड के पहले और आखिरी काऊब्वॉय भी कहे जाते हैं। 25 सितंबर 1939 को बंगलुरु में जन्मे फिरोज जब तक जिए अपनी रॉयल्टी को कभी नहीं छोड़ा। फिरोज खान की जिंदगी किसी राजकुमार से कम नहीं थी।
शादी से पहले फिरोज खान काफी रंगीन मिजाज के माने जाते थे। नाइट क्लब में देर रात तक पार्टियां करना उनका शौक था। उनकी पार्टी में बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटीज शामिल होते थेे। फिरोज खान के इन शौक से सभी वाकिफ थे। ऐसी ही एक पार्टी के दौरान फिरोज खान की मुलाकात सुंदरी से हुई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुंदरी पहले से शादीशुदा थीं और उनकी एक बेटी सोनिया भी थीं लेकिन इस बारे में कभी किसी ने बात नहीं की। फिरोज और सुंदरी ने 1965 में शादी कर ली। फिरोज खान और सुंदरी के दो बच्चे हुए। उनकी बेटी लैला का जन्म 1970 में हुआ था जबकि फरदीन खान का जन्म 1974 में हुआ।
शादी के कुछ ही सालों बाद सुंदरी को पता चला कि फिरोज किसी लड़की को डेट कर रहे हैं। ये लड़की कोई और नहीं बल्कि मशहूर धनराजगिर परिवार की बेटी ज्योतिका धनराजगिर थीं। ज्योतिका एयरहोस्टेस थीं और उनके पिता महाराजा महेंद्रगिर धनराजगिर थे।