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सुपरस्टार देवानंद साहब आज भले ही दुनिया में नहीं हों, पर अपने खास अंदाज को लेकर वो दशकों चर्चा में रहे। हमेशा सुर्खियां बटोरी और इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बनाकर रखी। आज
देव साहब की बर्थ एनिवर्सरी है। 26 सितंबर 1923 में उनका जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। जानें, उनकी जिंदगी से जुड़े तमाम किस्सों के बारे में...
देव साहब ने अपने करियर में 104 फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाई। 1948 मे प्रदर्शित फिल्म 'जिद्दी' देव आनंद के फिल्मी कैरियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई। देव साहब को काले कपड़े बेहद पसंद थे।
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देव आनंद
- फोटो : जी न्यूज
आरके नारायण के उपन्यास पर बनी फिल्म गाइड आज भी दर्शकों को पसंदीदा है। फिल्म में पहली बार लव इन रिलेशनसिप को दिखाया गया था। यह देव आनंद की पहली रंगीन भी फिल्म थी। 1967 में आई इस फिल्म के लिए भी उन्हें फिल्म फेयर से नवाजा गया। हरे रामा हरे कृष्णा में रोमांटिक हीरो पहली बार एक अलग रूप में दर्शकों से रूबरू हुआ। फिल्म एक भाई बहन के प्यार की कहानी थी। फिल्म इतनी बड़ी हिट साबित हुई कि आज भी इस फिल्म को याद किया जाता है। 1958 में आई फिल्म काला पानी एक उपन्यास पर आधारित भी। इस फिल्म में देव आनंद के साथ मधुबाला पहली बार पर्दे पर नजर आईं। इसके लिए पहला फिल्मफेयर मिला। फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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देव आनंद
- फोटो : mr. and misses classic bollywood revis.
फैशन आइकन रहे देवानंद साहब के साथ यूं तो कई किस्से जुड़े हैं। पर सबसे अलग जो किस्सा हर किसी को याद आता है, वो है उनपर कोर्ट की ओर से लगी बैन को लेकर। वो भी सिर्फ कपड़ों को लेकर। जी हां, देवानंद साहब काला कोट कभी नहीं पहन सकते थे, क्योंकि इसपर कोर्ट ने बैन लगा दिया था। आगे जानें, इसके पीछे की वजह..
देवानंद साहब ने एक दौर में व्हाइट शर्ट और ब्लैक कोट को इतना पॉपुलर कर दिया था कि लोग उन्हें कॉपी करने लगे। फिर एक दौर वह भी आया जब देव आनंद पर पब्लिक प्लेसेस पर काला कोट पहनने पर बैन लगा दिया गया। दरअसल कुछ लड़कियों के उनके काले कोट पहनने के दौरान आत्महत्या की घटनाएं सामने आईं। ऐसा शायद ही कोई एक्टर हो जिसके लिए इस हद तक दीवानगी देखी गई और कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।