देश में हिंदी सिनेमा का सबसे ज्यादा कारोबार जिस शहर मुंबई में होता है, वहां के थिएटर झाड़ पोंछ कर टिंच हुए जमाना हो गया है लेकिन, सरकार है कि परमीशन देती ही नहीं। मॉल, एयरपोर्ट, बाजार, रेस्तरां सब खुल गए लेकिन सिनेमाघर नहीं खुले। लेकिन, देश में मल्टीप्लेक्स चलाने वालों की यूनियन के नए अध्यक्ष इस मसले पर कुछ बोलना ही नहीं चाहते।
2 of 8
सिनेमा हॉल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
देश में सिनेमाघरों में काम करने वालों की हालत खराब है। केंद्र सरकार ने सिनेमाघर मालिकों को इजाजत दे दी कि वे सिनेमाघरों को खोल सकते हैं। लेकिन, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी है। मुंबई के थिएटर बंद मतलब कोई नई हिंदी फिल्म कहीं रिलीज नहीं होगी। तमिलनाडु के थिएटर बंद मतलब कोई नई तमिल फिल्म भी कहीं रिलीज नहीं होगी। पंगा क्या है, किसी को नहीं पता।
3 of 8
सिनेमा हॉल
- फोटो : अमर उजाला
‘अमर उजाला’ ने इस मसले पर बात की तो देहरादून स्थित न्यू अंपायर सिनेमा के मैनेजर कुलवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने सिनेमाघर अभी तक नहीं खोला है। कुलवंत का कहना है कि नई फिल्म होगी तो सिनेमाघर खोला जाएगा। जान जोखिम में डालकर पुरानी फिल्म देखने कौन आएगा? खामखां लोगों की तनख्वाह और बिजली का बिल और बढ़ जाएगा।
4 of 8
सिनेमा हॉल
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के शक्ति नगर स्थित अंबा सिनेमा का भी यही हाल है। दिल्ली में सिनेमाघरों को खोले जाने की इजाजत सरकार ने दी है लेकिन संदीप का कहना है कि सिर्फ सरकार के कहने से सिनेमाघर नहीं खोल सकते। उनके लिए जरूरत है नई फिल्मों की। निर्माता जब नई फिल्म रिलीज करेंगे तो सिनेमाघर अपने आप खुल जाएंगे।
5 of 8
टाइगर जिंदा है
- फोटो : फिल्म
दिल्ली से ही सटे फरीदाबाद में मूवी टाइम सिनेमा हॉल खुल गया है और इसमें दिन भर में नौ शो चल रहे हैं। सिनेमा घर में दिखाई जा रही हैं सलमान खान की फिल्म 'टाइगर जिंदा है' और दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म 'छिछोरे'। सिनेमा हॉल के ऑपरेटर हिमांशु का कहना है कि हर शो में लगभग 11 से 12 लोग आ जाते हैं। सबसे ज्यादा 17 लोग शनिवार को सलमान खान की फिल्म 'टाइगर जिंदा है' देखने आए।