Ram Gopal Varma: राम गोपाल वर्मा के खिलाफ मुंबई कोर्ट पहुंचा बीजेपी कार्यकर्ता, मुर्मू पर किया था विवादित ट्वीट
राम गोपाल वर्मा ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर विवादित ट्वीट किया था। वर्मा को अपने ट्वीट के बाद विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके दो दिन बाद उन्होंने कहा था कि उनका मकदस लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
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फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा अपने विवादित ट्वीट के चलते मुश्किलों में फंसते जा रहे हैं। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने फिल्म निर्माता के खिलाफ मुंबई की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया है। व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि राम गोपाल वर्मा ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी।
14 जुलाई को दी थी शिकायत
शिकायतकर्ता सुभाष राजोरा के वकील डी वी सरोज ने शनिवार को बताया कि सुभाष ने 14 जुलाई को इस मामले में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बांद्रा मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 (मानहानि), 504 (जानबूझकर किसी व्यक्ति का अपमान करना), और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) के तहत फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट ने शिकायत का संज्ञान लेने के लिए मामले को 11 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। शिकायत में कहा गया है कि राम गोपाल वर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था, जिससे सोशल मीडिया पर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची थी। उनके ट्वीट अनुसूचित जाति (एससी) के लोगों का अपमान करने के समान हैं।
फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने 22 जून को एनडीए की राष्ट्रपति पद उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, 'अगर द्रौपदी राष्ट्रपति हैं तो पांडव कौन हैं? और सबसे जरूरी ये है कि पांडव कौन हैं?' वर्मा के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि दो दिन बाद वर्मा ने कहा था कि उनका मकदस किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।