सुरों की मल्लिका आशा भोसले को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। आज आशा ताई अपना 83वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। उन्होंने अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज किया है। आशा जी अभी तक 1000 से ज्यादा फिल्मों के गाने गा चुकी हैं। उन्होंने 20 भाषाओं में करीब 14000 गीतों को अपनी आवाज दी है। आशा भोसले ने 10 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। आशा के पिता दीनानाथ मंगेशकर मशहूर थिएटर एक्टर और क्लासिकल सिंगर थे।
16 साल की उम्र बहन के पीए से प्यार कर बैठी थीं आशा भोसले, बच्चों की मौत ने किया गमजदा
जब आशा ताई 9 साल की थीं तब उनके पिता का देहांत हो गया था। इस वजह से उन्होंने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर सिंगिंग और एक्टिंग शुरू कर दी थी। दोनों बहनें मिलकर परिवार का खर्च उठाती थीं। आशा जी ने 1943 की मराठी फिल्म 'माझा बल' में पहला गीत 'चला चला नव बाला' गाया था। वहीं 1948 में हिंदी फिल्मों में हंसराज बहल की फिल्म 'चुनरिया' में पहला गीत 'सावन आया' गाया था।
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मशहूर सिंगर की बेटी होने के बावजूद आशा को अपने करियर की शुरुआत में काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। उस जमाने में गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का खूब नाम हुआ करता था। जब ये तीनों कोई गाना छोड़ देते तो वो आशा भोसले को दिया जाता था। यही कारण है कि 50 के दशक में वैम्प्स, बैड गर्ल्स या सेकंड ग्रेड की फिल्मों के ज्यादातर गाने आशा ताई ने गाए हैं। इसी के चलते अफवाह थी कि आशा ताई, लता जी को अपना कॉम्पटीटर मानने लगी थीं।
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एक इंटरव्यू में आशा जी ने बताया था कि एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान वो लता दीदी पर किस तरह चिल्लाई थीं। दरअसल, म्यूजिक कंपोजर शंकर जयकिशन ने दोनों को अपना गाना 'कर गया रे.. कर गया रे मुझपे जादू' ऑफर किया। ये गाना फिल्म बसंत बहार का है। ये गाना राग भैरवी पर आधारित था और दोनों ने बहुत बार रिहर्सल की थी। जिस दिन रिकॉर्डिंग थी उस दिन आशा स्टूडियो जाने के लिए तैयार हो गईं।
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वहीं लता दीदी अभी भी प्रैक्टिस करे जा रही थीं। उसी दिन आशा जी को एक और गाना रिकॉर्ड करने के लिए जाना था। ये मौका वो छोड़ना नहीं चाहती थीं। एक घंटा हो गया और लता जी अभी भी नहीं आईं थीं। इसके बाद उनके सब्र का बांध टूट गया और वो रिहर्सल रूम में गईं। उन्होंने तेज आवाज में लता जी से कहा, 'अब चलिए, मैं और इंतजार नहीं कर सकती'। इसके बाद लता ने उन्हें एक प्यारी मुस्कान दी और उनके साथ रिकॉर्डिंग के लिए गईं।