नेटफ्लिक्स की क्राइम ड्रामा सीरीज ‘राणा नायडू’ के दूसरे सीजन में एक नया चेहरा चर्चा में है-राउफ। रहस्यमय, शांत और भीतर से टूटा यह किरदार अर्जुन रामपाल ने निभाया है। हाल ही में अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में अर्जुन ने बताया कि राउफ जैसा किरदार करना उनके लिए आसान नहीं था। यह रोल उनके लिए सिर्फ एक्टिंग नहीं थी बल्कि एक गहरा अनुभव था।
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अर्जुन रामपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
‘अगर कोई कलाकार सच्चाई ढूंढ रहा हो, तो ऐसे रोल डराते नहीं’
सीरीज 'राणा नायडू 2' में निभाए अपने किरदार के बारे में अर्जुन कहते हैं, 'मैं कोई रोल सिर्फ इसलिए नहीं करता कि उसमें स्क्रीन पर ज्यादा समय मिले या वो दिखने में अलग लगे। मेरे लिए जरूरी होता है कि वो इंसान अंदर से क्या महसूस कर रहा है। राउफ बहुत कम बोलता है, लेकिन अंदर से बहुत कुछ जी रहा होता है। बाहर से वो शांत लगता है, लेकिन अंदर से टूटा और उलझा हुआ है। राउफ के किरदार को निभाना नहीं था, राउफ को जीना था। और ऐसा करने के लिए पहले अपने आप से सच्चा होना जरूरी होता है। अगर कोई कलाकार सच्चाई ढूंढ रहा हो, तो ऐसे रोल डराते नहीं, बल्कि खुद बुलाते हैं।'
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अर्जुन रामपाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘राणा नायडू का पहला सीजन देखा था’
अर्जुन ने बताया, 'मैंने राणा नायडू का पहला सीजन देखा था और मुझे वो वाकई बहुत पसंद आया था। उसकी जो टोन थी...कच्ची, अलग और बहुत इमोशंस से भरी, वो आजकल कम देखने को मिलती है। शो के हर किरदार में कमियां थीं, लेकिन फिर भी उनसे जुड़ाव महसूस होता था।'
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अर्जुन रामपाल
- फोटो : इंस्टाग्राम @rampal72
‘अगर किरदार में कुछ नया नहीं, तो करने का क्या फायदा’
जब अर्जुन रामपाल को ‘राणा नायडू’ के दूसरे सीजन का ऑफर मिला, तो उन्होंने फौरन हां नहीं कहा? इस सवाल के जवाब में वह कहते हैं, ‘नहीं, मैंने तुरंत हां नहीं कहा था। लेकिन मुझे शो की राइटिंग और टोन पहले सीजन में ही बहुत पसंद आई थी। कहानी पेचीदा थी, हर किरदार का एक पूरा आर्क था। ये आजकल कम देखने को मिलता है। राणा कोई टिपिकल हीरो नहीं है, उसका किरदार भी ग्रे है। बाकी कैरेक्टर भी बेहद रियल लगते हैं। यही चीजें मुझे इस सीजन से जोड़ ले गईं।' अर्जुन इस सीरीज के मेकर्स की सोच से काफी प्रभावित हुए। वह कहते हैं, 'जब लगा कि ये वही फिल्ममेकर हैं जो हटकर सोचते हैं और अगर इसे उसी ईमानदारी और सेंसिबिलिटी से बनाएंगे तो मुझे लगा, इसका हिस्सा बनना चाहिए।'
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अर्जुन रामपाल
- फोटो : इंस्टाग्राम @rampal72
‘मुझे स्क्रीन टाइम नहीं, किरदार की सच्चाई चाहिए’
अर्जुन रामपाल ने डायरेक्टर करण अंशुमान के साथ काम को भी एक शानदार अनुभव बताया। ‘मैंने करण से साफ कहा था कि मैं ये शो इसलिए कर रहा हूं क्योंकि आपकी सोच अलग है। लेकिन आप भी तब पूरी तरह खुलकर लिखिए। कुछ भी रोकिए मत। अगर बाद में लगेगा कि कुछ ज्यादा हो गया है, तो उसे एडिट कर लेंगे। लेकिन शुरुआत से ही कम करके मत चलिए।'