साल 2019 खत्म होने को है। हर किसी को साल 2020 का बेसब्री से इंतजार है। नया साल अपने साथ बहुत सारी नई उम्मीदें और रोमांच लेकर आने वाला है। साल 2020 में बिगेलो एयरोस्पेस पूरी मानव जाति के लिए एक जबरदस्त रोमांच लेकर आने वाला है, पर इस रोमांच के बारे में जानने से पहले बताइए क्या आपको अंतराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के बारे में जानकारी है? क्या आपने कभी अंतरिक्ष में जाने के बारे में सोचा है? वैसे तो हर कोई अपने परिवार के साथ हफ्ते, दो हफ्ते में होटल चला ही जाता है, पर क्या आपने कभी सोचा है कि वो होटल अंतरिक्ष में हो? जी हां, आप सही समझ रहे हैं। बिगेलो एयरोस्पेस नाम एक कंपनी साल 2020 तक एक ऐसा अंतरिक्ष यान लांच करने जा रही है, जिसमें होटल होगा। यह अपनी तरह का पहला ऑटोनोमस स्पेस स्टेशन होगा। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।
क्या होता है स्पेस स्टेशन?
होटल के बारे में जानने से पहले आपको पता होना जरूरी है कि स्पेस स्टेशन क्या होता है? अंतराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन क्या है? जहां यह होटल होगा। स्पेस स्टेशन को ऑर्बिटल स्टेशन भी कहा जाता है। इसे अंतरिक्ष में जाने वाले यात्रियों के लिए बनाया जाता है। अंतरिक्ष स्टेशन पर इतनी व्यवस्था मौजूद होती है कि अंतरिक्ष यान भी उतारा जा सकता है। बता दें कि स्पेस स्टेशन को पृथ्वी की लो-ऑर्बिट कक्षा में स्थापित किया जाता है। यह एक मंच होता है, जहां से पृथ्वी का सर्वेक्षण किया जाता है। स्पेस स्टेशन इसलिए बनाया जाता है ताकि वैज्ञानिक लंबे समय तक अंतरिक्ष में काम कर सकें।
अंतरिक्ष में कितने स्पेस स्टेशन है?
अबतक अंतरिक्ष में दो स्पेस स्टेशन हैं जो पृथ्वी कक्षा में हैं:
- अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (परिचालन और स्थायी रूप से निवास)
- चीन का तीयांगोंग 2 (परिचालन लेकिन स्थायी रूप से निवास नहीं)
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को छोटे-छोटे टुकड़ों में ले जाकर एक ऑर्बिट में स्थापित किया गया था। साल 1998 में इसका सबसे पहला मॉड्यूल रूस के जरिए प्रक्षेपित किया गया था। 2 नवम्बर, 2000 से लगातार अंतरिक्ष यात्री इस स्टेशन में काम कर रहे हैं। इसका वजन लगभग 3,91,000 किलोग्राम है। इसमें कई सोलर पैनल लगे हुए हैं। इसमें छह अंतरिक्ष यात्री छह महीने के समय तक काम कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पृथ्वी से लगभग 248 मील यानी करीब 400 किलोमीटर की उंचाई पर उड़ता है। यह 90 मिनट में लगभग 17,500 मिल प्रति घंटे की स्पीड से पृथ्वी का चक्कर लगता है। अगर आपको इस स्पेस स्टेशन की स्थिति के बारे में पता हो तो इसको पृथ्वी से भी देख सकते हैं। अबतक करीब 18 देशों के 230 अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का दौरा किया है।
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