वर्ल्ड रोड स्टेटिस्टिक्स 2018 के अनुसार भारत सड़क दुर्घटना में मौत के मामलों में सबसे आगे है। डब्ल्यूएचओ गलोबल (WHO Global) ने सड़क सुरक्षा रिपोर्ट 2018 जारी की थी। जिसमें सड़क हादसों में मौत के मामलों पर 199 देशों की सूची दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में सड़क दुर्घटना में मौत के 11 प्रतिशत मामले भारत में होते हैं। रिपोर्ट में जारी आकंड़ों के अनुसार, साल 2018 में भारत में 4,67,044 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जिसमें 1,51,417 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 4,69,418 लोग घायल हुए।
आम तौर पर यह देखा जाता है कि ज्यादातर मामलों में लोगों को सड़क नियमों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। अगर लोगों को सड़क नियमों की पूरी जानकारी हो तो काफी हद तक दुर्घटना होने से रोका जा सकता है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे सड़क पर बनी सफेद और पीली लाइनों के बारे में...
आपने सड़क पर चलते हुए कभी उसपर बनी लाइनों पर ध्यान दिया है? ये लाइनें पीली या सफेद रंग की होती हैं। कभी ये एक सीध में होती हैं और कभी-कभी टुकड़ों में। आप सोच रहे होंगे कि ये लाइनें सड़क को दो हिस्सों में बांटने के लिए होती हैं, तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं। लेकिन इसका केवल यही एक कारण नहीं है। बल्कि अलग-अलग तरह की लाइनों के अलग-अलग मतलब होते हैं। अगर आप गाड़ी चलाते हैं, तो ये आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। इसके लिए आगे की स्लाइड्स पढ़ें।
सड़क पर बनी इन सफेद रंग की लाइनों का मतलब होता है कि आप जिस लेन में चल रहे हैं, उसी में चलिए। दूसरी लेन में आपको बिल्कुल भी नहीं जाना है। इस तरह की सड़के ज्यादातर पहाड़ों पर पाई जाती हैं या यहां सड़क दुर्घटना की ज्यादा संभावनाएं हो। इन सड़कों पर ओवरटेक या यू-टर्न लेने नहीं लेना चाहिए।
सड़क पर बनी टूटी सफेद लाइनों का मतलब होता है कि आप लेन बदल सकते हैं, ओवरटेक कर सकते हैं और यू-टर्न भी ले सकते हैं, लेकिन सावधानी के साथ और दूसरी गाड़ियों को इंडिकेटर (इशारा) देकर।भारत में सड़कों पर सबसे ज्यादा यहीं लाइने पाई जाती हैं।
अगर आपको सड़क पर एक सीधी पीली लाइन दिखे तो समझ लीजिए कि आप दूसरी गाड़ियों को ओवरटेक कर सकते हैं, लेकिन पीली लाइन के उस पार नहीं जा सकते। हालांकि अगल-अलग राज्यों में इसके मतलब अलग-अलग होते हैं। जैसे कि तेलंगाना में सड़क पर बनी पीली लाइन का मतलब होता है कि आप लाइन के अंदर रहकर गाड़ियों को ओवरटेक नहीं कर सकते हैं।
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