दुनिया में जिस जिस ने भी अपनी मजबूरियों के आगे हार नहीं मानी हर उस इंसान ने इतिहास के पन्नों को अपने हाथों से लिखा है।
इस शख्स ने मुंबई के आगे घुटने टेकना नामंजूर किया और जीता बॉलीवुड की जंग
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नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को आप सभी बहुत ही अच्छे से जानते हैं। आज की तारीख में बॉलीवुड में खुद की एक्टिंग के दम पर बिना किसी गॉड फादर के अगर किसी ने अपने नाम का परचम लहराया है तो वो नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ही हैं।
नवाज का जन्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में हुआ था। इनके पिता एक किसान थे। नवाज ने जब अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की उसके बाद एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में केमिस्ट के तौर पर काम किया। कुछ और नया पाने की, कुछ नया करने की चाहत दिल्ली खींच लाई। लेकिन यहां आकर सच से सामना हुआ और एक सोसाइटी में वॉचमैन की नौकरी मिली।
कुछ वक्त तक यही नौकरी करते रहे क्योंकि दिल्ली में जीने खाने के लिए काम करना जरूरी था। फिर कहीं से थिएटर का पता लगा तो देखना शुरू कर दिया।
यहां से थिएटर में इंटरेस्ट आया तो एनएसडी में दाखिले की तैयारी में लग गए और दाखिला मिल गया। लेकिन यहां के बाद असली स्ट्रगल शुरू होती है। कोर्स पूरा करने के बाद एक्टर बनने की चाहत में नवाज मुंबई पहुंच गए और शुरू हुआ जिन्दगी का असली संघर्ष।
नवाज को एक बार फिर मुंबई ने संघर्ष के मैदान में खड़ा कर दिया था। शुरूआती दौर में भीड़ वाले किरदार मिलते, कहीं भीड़ में खड़े होने का तो कहीं हीरो से पिटने का रोल मिल जाता।
लेकिन नवाज ने हार नहीं मानी और लगे रहे। आज तकरीबन डेढ़ दशक बीतने के बाद नवाजुद्दीन बॉलीवुड के सबसे जाने-माने और टैलेंटेड कलाकारों में से एक हैं। आज देश ही दुनिया भर में नवाज के टैलेंट का लोहा मानते हैं लोग।
बस, अंत में मोरल ऑफ द स्टोरी के रूप में एक ही बात कहना चाहूंगा, हौसलों से उड़ान होती है तो कभी हौसला ना हारें बस अपने हिस्से के काम में लगे रहें पूरी लगन से तो आपको कोई नहीं रोक सकता।
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