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#TeachersDay: एक शख्स, जो हर साल अपनी सैलरी से संवारता है 10 लड़कियों की जिंदगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Sep 2018 01:29 PM IST
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अजय लोहान
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जानिए एक ऐसे शिक्षक के बारे में जो अपनी सैलरी खर्च करके, हर साल 10 लड़कियों की जिंदगी संवारता है, उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर सम्मान दिलाता है।
अजय लोहान
हरियाणा के नारनौंद जिले के गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल में अंग्रेजी के टीचर अजय लोहान को हाल ही में ह्यूमन गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्होंने स्कूल स्टूडेंट्स को अंग्रेजी में इतना निपुण बना दिया कि सरकार को स्कूल को अंग्रेजी मीडियम की स्वीकृति देनी पड़ी। वर्ष 2006-7 में इस स्कूल में अंग्रेजी टीचर के तौर पर ज्वॉइन किया। तब से लेकर आज तक वे हर साल 10 लड़कियों की पढ़ाई लिखाई का जिम्मा उठाते हैं और सारा खर्चा देते हैं।
अजय लोहान
अजय लोहान को उनके प्रयासों के लिए हरियाणा गौरव अवार्ड, बेस्ट स्टेट मोटिवेशन अवार्ड, बेस्ट टीचर अवार्ड, प्राणनाथ प्रणामी अवार्ड, हरियाणा संस्कृति संरक्षक अवार्ड, बेस्ट पार्लियामेंट आर्गेनाईजेशन अवार्ड व कक्षा तत्परता कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए गोल्ड मेडल मिल चुका है। अजय 7 बार बेस्ट टीचर अवार्ड जीत चुके हैं। ह्यूमन राइट्स राष्ट्रीय गौरव अवार्ड 2018 मिला है। अजय लोहान जिस स्कूल में अपनी सेवाएं दी हैं उनके पिता भी उसी स्कूल में शिक्षक रह चुके हैं।
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अजय लोहान
अजय के पिता स्वर्गीय रामनिवास लोहान इसी स्कूल में राजनीती शास्त्र के प्राध्यापक रह चुके हैं। अजय कहते हैं कि पिता से मिली प्रेरणाओं के चलते ही वे शिक्षक बने। अजय लोहान ने बताया कि गरीबी के कारण उनके पिता पेड़ों की पत्तियों की गठड़ियां बनाकर उनको जलाकर उनकी रोशनी में पढ़ते थे। इतनी गरीबी के बावजूद उन्होंने एमफिल की। इसके बाद वो स्कूल में हेडमास्टर बने। उनसे प्रेरणा पाकर वो मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। उन्हीं की राह पर चलकर मैं आगे बढ़ रहा हूं।
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अजय लोहान
अजय लोहान के प्रयासों का लोहा प्रसिद्ध कंप्यूटर व सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस ने भी माना है। अजय बच्चों को कंपनी के हेड ऑफिस लेकर गए थे, उस दौरान बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित होकर इंफोसिस ने 10 कंप्यूटर भी देने का फैसला लिया जिससे आज बच्चे तकनिकी शिक्षा का लाभ ले रहे है। अजय की बदौलत जिस स्कूल के बच्चे अंग्रेजी समझ भी नहीं पाते थे, अब वे अंग्रेजी में बात करते हैं। स्कूल से 7 स्टूडेंट्स लेफ्टिनेंट बने हैं। तीन बच्चे आईआईटी व 6 पीएमटी में गए है। वहीं 116 स्टूडेंट्स दिल्ली व पंजाब की यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं।
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