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पिता का मर्डर, ओलंपिक में चोट बिस्तर पर रही, पर कम नहीं हुआ जज्बा...CWG में जीता गोल्ड
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 22 Apr 2018 04:07 PM IST
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vinesh phogat
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पिता का मर्डर हुआ था, रियो ओलंपिक में ऐसी चोटी लगी कि बिस्तर पर रही, पर बहादुर बेटी का जज्बा कम नहीं हुआ और गोल्ड जीतकर इतिहास रचा, जानिए कौन।
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महावीर फोगाट की भतीजी और गीता फोगाट की चचेरी बहन विनेश फोगाट ने २१वें कॉमनवेलथ गे6स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। विनेश ने ५० किलोग्राम की कैटेगरी में देश के लिए गोल्ड जीता। रियो ओलंपिक में चोट लगने के बाद विनेश फोगाट काफी समय पर बिस्तर पर रहीं, पर इस बहादुर बेटी ने हि6मत नहीं छोड़ी और फिर से अखाड़े में उतरी। नतीजा आज सभी के सामने है।
ओलंपियन पहलवान विनेश फौगाट
विनेश, महावीर फोगाट के भाई राजपाल की बेटी है। बताया जा रहा है कि राजपाल का जमीनी विवाद के चलते मर्डर हो गया था। जिसके बाद महावीर फोगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंक को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी। विनेश ने भी अपने ताऊ जी का मान रखते हुए इंटरनेशनल लेवल पर एक गोल्ड समेत 8 मेडल जीतकर उनका और देश का नाम रोशन किया है।
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विनेश फोगट
- फोटो : फाइल फोटो
विनेश फोगाट इससे पहले 48 किलोग्राम वर्ग में खेलती थी, कॉमनलवेल्थ में विनेश 50 किलोग्राम वर्ग में रिंग में उतरी और मेडल जीत लिया। उन्होंने रियो ओलंपिक में हिस्सा लिया था, जिसमें वे चोटिल हो गई थीं। सरकार ने उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा। 2014 कॉमनवेल्थ में गोल्ड और 2014 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
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इंटरनेशनल पहलवान विनेश फोगट
- फोटो : अमर उजाला
कॉमनलवेल्थ में विनेश ने कनाडा की जेसिका मैक्डोनाल्ड को 13-3 से मात देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। विनेश ने आते ही जेसिका को कब्जे में लिया था और पटखनी देते हुए चार अंक हासिल किए थे। उन्होंने अगले दांव में भी चार अंक लिए। इस बीच जेसिका ने भी दो तीन अंक लिए लेकिन विनेश ने अपने अंकों के अंतर को बनाए रखा और अंतर को 10 तक पहुंचा दिया। इस बीच जेसिका के कोच ने चैंलेज किया और विनेश की 10 अंकों की बढ़त को कम कर दिया। हालांकि दूसरे राउंड में विनेश ने अंकों के अंतर को एक बार फिर 10 तक पहुंचा दिया और यहीं रेफरी ने विनेश को तकनीकी तौर पर विजेता घोषित कर दिया।
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