देश के सातवें प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी को आज यानी 20 अगस्त को उनके जन्मदिन के मौके पर पूरा देश याद कर रहा है। भारत की तस्वीर को बेहतर बनाने में उनके योग्यदान का वर्णन करना मुमकिन नहीं। बता दें कि भारत रत्न राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। आइए जानते हैं देश की तरक्की के लिए इनके द्वारा दिए गए योगदान के बारे में...
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राजीव गांधी ने देश की शिक्षा को दिया था ये बड़ा तोहफा, इन फैसलों ने बदली भारत की सूरत
Tue, 20 Aug 2019 02:13 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Tue, 20 Aug 2019 02:13 PM IST
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- 1984 में सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलिमैटिक्स (सी-डॉट) की स्थापना हुई।
- बता दें कि इसकी स्थापना कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए हुई थी।
- पीसीओ (पब्लिक कॉल ऑफिस) क्रांति राजीव गांधी के प्रयास के कारण ही हुई।
- 1986 में एमटीएनएल (महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड) की स्थापना हुई जिसने टेलिफोन नेटवर्क के प्रसार में मदद की।
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मतदान की उम्र-
- युवा राजीव गांधी ने युवाओं पर ज्यादा जोर दिया और उन्हें सशक्त बनाने की कोशिश की।
- 1989 में संविधान का 61वां संशोधन अधिनियम पास हुआ, जिसके तहत मतदान करने की उम्र को 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया।
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पंचायती राज
- उन्होंने पंचायती राज फाउंडेशन के शुरुआत की नींव रखी थी।
- राजीव गांधी की हत्या के एक साल बाद 1992 में पंचायती राज को संविधान में जगह दी गई।
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शिक्षा -
- प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी ने 1986 में नेशनल पॉलिसी ऑन एजुकेशन (एनपीई) की घोषणा की थी।
- मेधावी बच्चों को अच्छी शिक्षा और सुविधा देने के लिए एनपीई की मदद से जवाहर नवोदय विद्यालयों की शुरुआत हुई।
- शिक्षा के दौरान बच्चों को इन स्कूलों में कक्षा 6 से 12वीं तक आवासीय सुविधा भी दी जाती है।
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