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हजारों साल पुरानी तकनीक से लोगों का व्यक्तित्व बदल देता है ये शख्स, देशभर में हो रहा मशहूर

Tue, 03 Dec 2019 02:46 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 03 Dec 2019 02:46 PM IST
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Naveen Toshniwal jaipur man personality development training via handwriting Grapho analysis
नवीन तोश्नीवाल - फोटो : Social media

कई सरकारी नौकरियों से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी तक के लिए उम्मीदवार के व्यक्तित्व की भी परख की जाती है। वहीं, आपका व्यक्तित्व आपको सफल या असफल बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। यही कारण है कि व्यक्तित्व विकास (Personality Development) के कोर्सेज की मांग तेजी से बढ़ी है। कई संस्थान तो इसके नाम पर छात्रों से मोटी रकम भी वसूलते हैं।



लेकिन एक ऐसा शख्स है जो व्यक्तित्व विकास के लिए हजारों साल पुरानी तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। ये तकनीक लोगों को इतनी पसंद आ रही है कि इनके चाहने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इनके बारे में आगे की स्लाइड्स में पढ़ें।

Naveen Toshniwal jaipur man personality development training via handwriting Grapho analysis
पत्नी के साथ नवीन तोश्नीवाल - फोटो : Naveen Facebook

इस शख्स का नाम है नवीन तोश्नीवाल। 51 साल के नवीन राजस्थान में जयपुर के रहने वाले हैं। वह एक केमिकल इंजीनियर रह चुके हैं। लेकिन अब पेशे से व्यापारी हैं। नवीन के कई शौक हैं। इन्हीं में से एक शौक है लोगों को उनका व्यक्तित्व बेहतर बनाने में मदद करना। लेकिन इस काम में सबसे खास चीज है नवीन की तकनीक।

क्या है वो तकनीक?आगे पढ़ें

Naveen Toshniwal jaipur man personality development training via handwriting Grapho analysis
शतरंज खेलते नवीन - फोटो : Naveen Facebook
  • इस तकनीक को ग्राफो एनालिसिस (Grapho Analysis) के नाम से जाना जाता है।
  • नवीन बताते हैं कि यह तकनीक 2000 ईसा पूर्व की है। ये वो समय था जब ग्रीक फिलॉसोफर एरिस्टॉटल ने इंसान के दिमाग और उनकी लिखावट (Handwriting) के बीच का रिश्ता ढूंढा था।
  • लेकिन इस तकनीक को कुछ दशक पहले से ही लोगों ने जानना शुरू किया।

कैसे काम करती है ये तकनीक?

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Naveen Toshniwal jaipur man personality development training via handwriting Grapho analysis
गोल्फ खेलने के दौरान नवीन - फोटो : Naveen Facebook
  • नवीन बताते हैं कि 'हैंडराइटिंग एक तरह से माइंड राइटिंग है'। हमारी लिखावट कागज पर हमारे अवचेतन मन (Sub Conscious mind) की छवि उकेरती है। इसलिए लिखावट के तरीके में होने वाले सामान्य से बदलाव से भी हम अपने अवचेतन मन में वो बदलाव ला सकते हैं जो हमें अपने व्यक्तित्व या चरित्र में चाहिए।
  • कोई शख्स अगर तीन से चार हफ्तों तक रोजाना 5-7 मिनट इन छोटे व सामान्य बदलावों की प्रैक्टिस करे, तो उसके व्यक्तित्व में भी बदलाव जरूर आएगा।

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आपकी लिखावट क्या बताती है?

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Naveen Toshniwal jaipur man personality development training via handwriting Grapho analysis
परिवार के साथ नवीन तोश्नीवाल - फोटो : Naveen Facebook

नवीन ने बताया कि किसी इंसान की लिखावट से उसकी बुद्धिमत्ता, दृढ़ निश्चय, इच्छाशक्ति, रचनात्मकता, एकाग्रता, सृजनशीलता समेत कई अन्य क्षमताओं का पता लगाया जा सकता है। ये सभी चीजें मिलकर बता देती हैं कि किसी शख्स का चरित्र व व्यक्तित्व कैसा है। 

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नवीन को इस तकनीक के विस्तृत इस्तेमाल के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) हैदराबाद से इसी साल अगस्त में प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है। वह प्रबंधन के छात्रों समेत अन्य नौकरीपेशा लोगों को भी इसका प्रशिक्षण देते हैं।

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