{"_id":"5ea177dab1de2b4c26784964","slug":"know-about-upsc-topper-junaid-ahmed-success-story","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UPSC टॉपर ने की थी ये गलतियां, जिसके कारण होता था बार-बार असफल, पढ़ें सफलता की कहानी","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
UPSC टॉपर ने की थी ये गलतियां, जिसके कारण होता था बार-बार असफल, पढ़ें सफलता की कहानी
Fri, 24 Apr 2020 03:29 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 24 Apr 2020 03:29 PM IST
विज्ञापन
upsc topper
- फोटो : Facebook
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपीएससी परीक्षा के लिए लाखों लोग तैयारी कर रहे हैं। सफल होने के जरूरी है बेहतर तैयारी और सटीक लक्ष्य। जिसकी जीती जागती मिसाल हैं जुनैद अहमद। बता दें कि सिविल सर्विसेज 2018 की परीक्षा में ऑल ओवर इंडिया तीसरे स्थान पर आए जुनैद अहमद का सपना था कि एक दिन भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनें। क्योंकि उनके परिवार में कोई प्रशासनिक सेवा में नहीं थी।
upsc topper
- फोटो : Facebook
- जुनैद के मुताबिक, सिविल सर्विसेज की तैयारी की शुरुआत में वे आठ से 10 घंटे लगातार पढ़ाई करते थे।
- बेसिक समझने के बाद तैयारी का समय घटकर चार घंटों तक सिमट गया।
- उनका मानना है कि घंटों से पढ़ाई नहीं होती। जो भी पढ़ें, ध्यान लगाकर तैयारी करें तो सफलता अवश्य मिलेगी।
- जुुनैद अहमद ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित जामिया रेजीडेंशियल कोचिंग अकादमी से कोचिंग ली।
- बता दें कि जामिया की कोचिंग अकादमी मुफ्त में सिविल सर्विसेज के छात्रों को तैयारी करवाती है। इसमें रहना, खाना समेत कोचिंग मुफ्त होती है।
upsc topper
- फोटो : Facebook
एक इंटरव्यू में जुनैद ने बताया कि 2014 में यूपीएससी की तैयारी पूरी हो गई थी। पर इस वक्त उनके पास कोई वजह नहीं थी। वे नहीं जानते थे कि वे परीक्षा क्यों देना चाहते हैं। यहीं कारण था कि वे परीक्षा को पास नहीं कर पाए। दूसरी परीक्षा देने से पहले उन्होंने 'क्यों' का जवाब ढूंढना शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
upsc topper
- फोटो : Facebook
- जुनैद ने बताया कि उन्होंने पहले, दूसरे, तीसरे अटेम्प्ट से काफी उम्मीदें थी, शायद इसलिए उनके निराशा हाथ लगी। इसलिए ज्यादा उम्मीदें रखना बेकार है।
- जुनैद बताते हैं कि असफल होने के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को आप लोग कैसे फेस करते हैं, ये सोचना बहुत मायने रखता है। हार कर घर बैठ जाना सबसे बड़ी गलती है।
विज्ञापन
upsc topper
- फोटो : Facebook
- जुनैद रिजल्ट आने से पहले ही उसके बारे में सोचना शुरू कर देते थे। अपने खराब परिणाम की वजह वे इसी को मानते थे। बाद में जब प्रेशर लेना बंद कर दिया तो वे पांचवे अटेम्प्ट में तीसरी रैंक से पास हुए।
- सूत्रों के अनुसार जुनैद ने बताया कि वे शुरुआत में छोटी-छोटी चीजों से परेशान हो जाया करते थे। जिसके कारण दिमाग में तनाव हो जाता था पर बाद में ये सब छोड़ दिया और यूपीएससी क्लीअर किया।
कमेंट
कमेंट X