वैज्ञानिक दशकों से जानते हैं कि ब्लैक होल मौजूद है, लेकिन केवल अप्रत्यक्ष रूप से। बुधवार को सामने आई तस्वीर में पहली बार ब्लैक होल के किनारों को दिखाया गया है - जिसे "घटना क्षितिज" कहा जाता है।
घटना क्षितिज टेलीस्कोप के निदेशक हार्वर्ड के शेपर्ड डोलमैन ने कहा कि नई तस्वीर एक चमकदार अंगूठी जैसी दिखती है जो स्पष्ट रूप से एक ब्लैक होल थी। बुधवार को आइंस्टिन की ब्लैक होल की आकृति और चमक के बारे में की गई भविष्यवाणियां सही साबित हुईं। जी हां आइंस्टिन ने गुरुत्वाकर्षण के अपने सिद्धांत में ब्लैक होल के अस्तित्व की भविष्यवाणी की थी।
यह ब्लैक होल सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 6.5 बिलियन गुना ज्यादा बड़ा है। इसकी तस्वीर को लेने के लिए 6 अलग-अलग टेलिस्कोप लगे थे। आपको बता दें कि यह ब्लैक होल सुदूर आकाशगंगा में स्थित था। माना जा रहा है कि यह ब्लैकहोल पृथ्वी से 4000 करोड़ किमी दूर स्थित था।
सही थे आइंस्टिन...
इससे पहले ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टिफन हाकिंग ने 1974 में पहली बार ब्लैकहोल से निकलने वाली हॉकिंग रेडिएशन की परिकल्पना की थी। हाकिंग की पिछले साल ही मौत हो गई थी। वहीं 1915 में जर्मन वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टिन ने सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत दिया था, इस सिद्धांत के तहत ब्लैकहोल की गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी अधिक होती है कि यह आसपास की सभी चीजों को अपने अंदर खींच लेगा।
वहीं आइंस्टिन के इस सिद्धांत से ब्लैकहोल के बारे में जानने में बेहद मदद मिली। इससे पहले बताया गया था कि गुरुत्वाकर्षण प्रकाश की गति को प्रभावित करता है।
शोधकर्ताओं ने अपनी इस खोज के लिए एक विशेष तरंगदैर्ध्य को चुना जो मानव आंख के लिए अदृश्य है। तीन साल पहले, उन्होंने अनिवार्य रूप से एक गुरुत्वाकर्षण लहर बनाने के लिए दो छोटे ब्लैक होल के दुर्घटनाग्रस्त होने की आवाज सुनी।
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