देश में कई ऐसे स्कूल हैं, जो अपनी अनोखी गतिविधियों के लिए जाने जाने हैं। साथ ही ये कई अन्य स्कूलों व शिक्षण संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बन जाते हैं। ऐसे ही स्कूलों के बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं। ये स्कूल बच्चों को पानी पिलाने के अनोखे अंदाज के लिए नाम कमा रहे हैं।
बच्चों को अनोखे अंदाज में पानी पिलाता है ये स्कूल, वायरल हो रहा तरीका
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ये स्कूल हैं केरल में। सिर्फ एक नहीं, केरल के कई सरकारी स्कूलों में अब तक बच्चों को पानी पिलाने का अनोखा तरीका लागू किया जा चुका है। अब कर्नाटक सरकार अपने पड़ोसी राज्य के तरीके को अपनाने जा रही है। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने इस संबंध में प्रशासन को निर्देश भी दे दिए हैं।
ऐसा क्या करता है स्कूल, आगे पढ़ें
केरल के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पानी पिलाने के लिए घंटियां बजाई जाती हैं। इसे वॉटर बेल (Water Bell) का नाम दिया गया है। इसके अलावा इसे बच्चों के लिए वॉटर ब्रेक (Water Break) भी कहा जाता है। घंटी बजने पर स्कूल में सभी बच्चों को पानी पीना होता है, जितनी भी उन्हें प्यास हो।
कितनी बार, कितने बजे बजती है वॉटर बेल
स्कूलों में दिनभर में तीन बार वॉटर बेल बजाई जाती है। पहली घंटी सुबह 10.35 बजे बजती है। दूसरी घंटी दोपहर 12 बजे और तीसरी घंटी दोपहर 2 बजे बजाई जाती है। ये वॉटर ब्रेक 15 से 20 मिनट का होता है।
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क्यों अपनाया गया ये तरीका, आगे पढ़ें
पानी की कमी और डिहाइड्रेशन से कई बच्चे बीमार पड़ते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि खास तौर पर लड़कियां समय पर जरूरी मात्रा में पानी नहीं पीतीं। हालांकि इसका एक बड़ा कारण स्वच्छ शौचालयों की कमी भी है। लेकिन पानी की कमी से बच्चों को कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है।
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इसे दूर करने के लिए ही पहले केरल और अब कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में वॉटर ब्रेक की शुरुआत हो रही है।
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